पूर्व प्रधानमंत्री और पंजाब विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित पूर्व छात्र डॉ. मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि देने और उनकी विरासत और योगदान का सम्मान करने के लिए शुक्रवार को पीयू ने सीनेट हॉल में एक शोक सभा का आयोजन किया गया। इसमें पीयू के सभी प्रोफेसर, फैकल्टी व अन्य पहुंचे। सभी ने मनमोहन सिंह को याद किया। साथ ही उनकी याद में अर्थशास्त्र विभाग में समर्पित वॉल बनाने का फैसला लिया गया है।
पंजाब यूनिवर्सिटी के पूर्व वीसी अरुण ग्रोवर ने कहा कि उन्हें पूरे जीवन काल में तीन बार पूर्व प्रधानमंत्री से मिलने का मौका मिला। वीसी बनने के बाद उन्होंने मिलने के लिए अपॉइंटमेंट मांगा था, तो 10 मिनट का स्लॉट मिला था, लेकिन जब वह मिले तो पूर्व प्रधानमंत्री से उनकी मुलाकात 25 मिनट तक चली। पूरे समय दोनों में कई विचारों का आदान-प्रदान हुआ। डॉ सिंह ने यूनिवर्सिटी की बेहतरीन के लिए कई सुझाव दिए। अरुण ग्रोवर ने कहा कि प्रधानमंत्री एक अर्थशास्त्री थे, वह पंजाब यूनिवर्सिटी की हेरिटेज और वित्तीय स्थिति के बारे में बहुत अच्छे से जानते थे। उन्होंने वित्तीय संकट से बाहर निकलने में काफी मदद भी की। ग्रोवर ने बताया कि मनमोहन सिंह ने अपने फंड से यूनिवर्सिटी को कई किताबें दी लेकिन अभी भी वह एक बॉक्स में बंद हैं। यूनिवर्सिटी जल्द ही उन्हें लाइब्रेरी में स्थापित करने की तैयारी कर रही है।
पंजाब यूनिवर्सिटी ने मनमोहन सिंह की याद में अर्थशास्त्र विभाग में एक समर्पित वॉल बनाने का फैसला लिया है। ऐसा ही एक वॉल वर्तमान में पीयू के एडमिन ब्लॉक में प्रवेश करते ही प्रसिद्ध शिक्षक दीवान आनंद कुमार की बनाई गई है। इसी तर्ज पर अर्थशास्त्र विभाग में मनमोहन सिंह की वॉल बनाई जाएगी। इस पर डॉक्टर सिंह की पूरे जीवन यात्रा और उनके उपलब्धियों के बारे में बताया जाएगा। इसके अलावा वीसी ऑफिस में बन रही वॉल ऑफ फेम में भी पूर्व प्रधानमंत्री की तस्वीर होगी।