पंजाब में 13 लोकसभा सीटों के लिए 30 अप्रैल को होने वाले मतदान के लिए चल रहे चुनाव प्रचार का शोर सोमवार शाम को थम गया। अब उम्मीदवार न तो माइक और साउंड सिस्टम का इस्तेमाल कर सकेंगे, न ही रैलियां कर सकेंगे।
उन्हें सिर्फ घर-घर जाकर प्रचार करने की इजाजत होगी। पंजाब के करीब 1.95 करोड़ मतदाता 13 हलकों के 253 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला 30 को करेंगे। उम्मीदवारों में इस बार 19 महिलाएं भी शामिल हैं। मुख्य चुनाव अधिकारी वीके सिंह ने कहा कि सारे इंतजाम मुकम्मल कर लिए गए हैं। चुनाव के लिए 13 हजार जगहों पर 22022 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। जहां एक लाख से ज्यादा सिविल अधिकारी व बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात की गई है।
80 प्रतिशत तक मतदान की उम्मीद
मुख्य चुनाव अधिकारी वीके सिंह ने कहा कि चुनाव के लिए पोलिंग पार्टियां मंगलवार दोपहर को रवाना हो जाएंगी। 29 अप्रैल की रात को पुलिस इलाकों में विशेष गश्त करेगी। मतदान बुधवार सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक होगा।
उन्होंने कहा कि मतदान प्रतिशत इस बार दस फीसदी बढ़ाने की कोशिश की जा रही है, कुल 80 प्रतिशत तक मतदान की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि उम्मीदवार अब सिर्फ डोर-टु-डोर कैंपेन कर सकते हैं। बाहरी लोगों को हलका छोड़ कर जाना होगा। ये आदेश उम्मीदवार, विधायक, चुनाव एजेंट पर लागू नहीं होंगे। इस मौके अतिरिक्त मुख्य चुनाव अधिकारी बी पुरुषार्था व सुप्रीत सिंह गुलाटी, संयुक्त मुख्य चुनाव अधिकारी अमित तलवाड़ भी मौजूद थे।
ईडीसी से मतदान करेंगे सर्विस वोटर
सीईओ वीके सिंह ने बताया कि चुनाव ड्यूटी में तैनात सिविल व पुलिस अधिकारी इलेक्शन ड्यूटी सर्टिफिकेट के जरिए मतदान कर सकेंगे। इसके लिए अर्जी देने के बाद उनका नाम संबंधित पोलिंग बूथ से काटकर ड्यूटी वाले बूथ में जोड़ दिया जाता है।
इस बार 34 हजार सिविल और 12 हजार पुलिसकर्मियों ने ईडीसी के जरिए वोट डालने को अर्जी दी थी। जिस पुलिसकर्मी के पास ईडीसी होगा, उसे बा-वर्दी वोट डालने की इजाजत होगी। इससे पहले वर्दी धारी पुलिसकर्मियों को पोलिंग बूथ के अंदर जाने की इजाजत नहीं होती थी। वहीं, छह हजार मुलाजिमों ने पोस्टल बैलेट के लिए अप्लाई किया है।
हरियाणा से चार गुना फोर्स तैनात
मुख्य चुनाव अधिकारी वीके सिंह ने संवेदनशील हलकों का खुलासा करने से इंकार किया। साथ ही यह भी बताने से इंकार किया कि कितने अर्द्धसैनिक बल तैनात किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि पंजाब में पर्याप्त फोर्स आई है, हरियाणा से चार गुना अधिक अर्द्धसैनिक बल यहां तैनात किए गए हैं। सूत्रों के मुताबिक अर्द्धसैनिक बलों की करीब 200 कंपनियां लगाई गई हैं। एक कंपनी में करीब 90 जवान हैं। इसके अलावा 60-65 हजार पंजाब पुलिस के जवानों ने भी चुनाव की कमान संभाल रखी है। चुनाव के मद्देनजर 28 अप्रैल से पंजाब में शराब के ठेके बंद कर दिए गए हैं। जो 30 को मतदान संपन्न होने तक बंद रहेंगे। वहीं, पंजाब के साथ तीन किलोमीटर के दायरे में स्थित चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के शराब ठेके भी इस दौरान बंद रहेंगे। होटलों में भी शराब नहीं परोसी जाएगी।
कुल वोटर - 1,95,26,796
पुरुष - 1,02,66,583
महिला - 92,60,213
विशेष सुरक्षा पार्टियां तैनात
पंजाब की 13 लोकसभा सीटों पर बुधवार को होने वाले मतदान के लिए कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। जहां पड़ोसी राज्यों की सीमाओं पर विशेष नाकाबंदी करके पैनी नजर रखी जा रही है।
वहीं प्रदेश को 1704 सेक्टरों में बांटकर सेक्टर इंचार्जों के साथ एक मुख्य सिपाही और तीन सिपाहियों पर आधारित विशेष सुरक्षा पार्टियां तैनात कर दी गई हैं।
करीब 22 हजार पोलिंग बूथों के लिए 13 हजार पोलिंग लोकेशंस स्थापित की गई हैं। मतदान का काम शाम 6 बजे तक चलेगा। शाम 6 बजे तक जो मतदाता लाइन में लग जाएंगे, उनकी वोट होने तक मतदान जारी रहेगा।
15286 विशेष नाके और 65 हजार सुरक्षा कर्मी तैनात
पंजाब के डीजीपी सुरेश अरोड़ा के अनुसार, चुनाव ड्यूटी के लिए पंजाब में अधिकारियों सहित करीब 65 हजार सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है। इनमें अर्द्धसैनिक बलों सहित पीएपी व पंजाब पुलिस के जवान शामिल हैं।
अरोड़ा ने बताया कि पंजाब की हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़, जम्मू एवं कश्मीर और राजस्थान के साथ लगती अंतरर्राज्यीय सीमाओं की एंट्री पर 150 विशेष नाके लगाए जा रहे हैं, ताकि कोई शरारती तत्व राज्य में दाखिल न हो सकें। 15286 विशेष नाके भी लगाए गए हैं। इनके अलावा अर्द्धसैनिक बलों की 689 पेट्रोलिंग पार्टियां अलग से गश्त करती रहेंगी।
यह विशेष रूप से तरनतारन, लुधियाना और कपूरथला जिलों में रहेंगी। डीजीपी ने बताया कि तेजी से संचार के लिए दो स्तरीय सुरक्षा योजना अपनाई गई है। सेक्टर प्रभारियों को पर्याप्त गिनती में वायरलेस सेट प्रदान करने के अलावा मोबाइल फोन के जरिए सूचना का आदान-प्रदान तेजी से हो रहा है।
नई एसएमएस सेवा भी राष्ट्रीय सूचना केंद्र के जरिए तैयार की गई है, जिससे स्टेट कमांड सेंटर और जिला केंद्रों को इन पुलिस पार्टियों से सीधे सूचना प्राप्त होगी।
सबसे कम वोटर बाजेवाला में
राज्य में सबसे कम 168 वोटर फिरोजपुर के बाजेवाला गांव में हैं, वहीं सबसे अधिक 8588 मतदाता भी फिरोजपुर के ही कैंट पोलिंग स्टेशन पर हैं। यहां पांच पोलिंग पार्टियां तैनात की गई हैं।
वीके सिंह ने बताया कि उन्होंने बताया कि फौजी छावनियों में बाहरी वोटरों को पोलिंग एजेंट के रूप में अधिकृत करने की उम्मीदवारों को छूट दी गई है, क्योंकि फौज के जवान पोलिंग एजेंट के रूप में नहीं बैठ सकते।
कैमरों, वेब कास्टिंग से रहेगी बूथों पर नजर
पंजाब के सीईओ वीके सिंह और अतिरिक्त मुख्य चुनाव अधिकारी रमिंदर सिंह ने पत्रकारों को बताया कि सभी पोलिंग बूथों पर कड़ी निगरानी के लिए 2778 वीडियो कैमरों के अलावा 600 स्टिल कैमरों सहित 338 बूथों पर वेब-कास्टिंग की व्यवस्था की गई है।
चुनाव ड्यूटी पर तैनात आधे भी कम मुलाजिम डालेंगे वोट
चुनाव ड्यूटी पर तैनात 114798 सिविल कर्मचारियों में से केवल 40279 ने ही इलेक्शन ड्यूटी सर्टिफिकेट (ईडीसी) और 6 हजार ने पोस्टल बेलट लिए हैं। वहीं, 47355 पुलिस कर्मियों में से 14000 ने ईडीसी जबकि 2000 ने पोस्टल बेलट की सुविधा प्राप्त की है।
जिस कर्मचारी की ड्यूटी उसके वोट वाले क्षेत्र में लगती है, वह ईडीसी का इस्तेमाल करके ईवीएम पर ही वोट कर सकता है, जबकि अन्य क्षेत्र मे तैनात कर्मचारी पोस्टल बेलट से मतदान करते हैं।
रमिंदर सिंह ने यह भी बताया कि पंजाब में 7 पोलिंग स्टेशन नदियों के पार स्थापित हैं, जिनमें 6 फिरोजपुर और एक फाजिल्का जिले में है।