लव जेहाद पीड़ितों को न्याय दिलाने तथा उनके पुर्नवास में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल मदद करेंगे। इसके साथ ही नवीद अहमद और खरैती लाल के परिवार का सामाजिक और आर्थिक बहिष्कार किया जाएगा।
यह फैसला बुधवार को शहर के दुर्गा भवन मंदिर में लव जेहाद के विरुद्ध लगी जनता की अदालत में लिया गया। इस दौरान ईसाईयों से पीड़ित पवन लांबा, शालिनी और रागिनी ने अपनी पीड़ा सभा को बताई।
सभी की अध्यक्षता कर रहे विहिप के धर्माचार्य संपर्क प्रमुख तिलकराज ने कहा कि खरैती लाल ढल डेयरी वाले नाम के ईसाई व्यक्ति ने खुद को हिंदू घोषित करते हुए अपने बेटे-बेटियों की शादी हिंदू परिवारों में कर दी।
अब उन परिवारों पर ईसाई धर्म अपनाने का दबाव बनाया जा रहा है। अधिकारियों, कर्मचारियों और अपराधियों का एक ऐसा गठजोड़ समाज के सामने है, जो कि ऐसे धार्मिक अपराधियों को संरक्षण देता है। विहिप के प्रांत समरसता प्रमुख अमित कुमार ने कहा कि वर्तमान के हालात में हमें लगता ही नहीं कि हम एक हिंदू बहुल राष्ट्र में रहते हैं। एक महिला ने जनता की अदालत में बताया कि किस प्रकार नवीद अहमद ने उसका शोषण किया और उसे प्रताड़ित किया गया। इस मौके पर स्वामी यज्ञानंद, देवकीनंदन शर्मा, पुनीत आर्य, विहिप के इंद्रजीत, सुरेंद्र बंसल, विजय चुघ, विनोद श्रीवास्तव, बजरंग दल के अनुराग, पुनीत, मनीष और संजय मौजूद रहे।