मोहाली में फेज-5 स्थित विशाल मेगा मार्ट में आग लगने से हुए हादसे संबंधी जांच रिपोर्ट एसडीएम की ओर से जिला प्रशासन को जमा करवाई गई है। इस रिपोर्ट फायर ब्रिगेड की कार्य कुशलता पर सवाल खड़े किए गए हैं। रिपोर्ट में साफ शब्दों में कहा गया है कि विशाल मेगा मार्ट में लगी आग को फायर ब्रिगेड मोहाली की टीम सुबह साढ़े 8 बजे से अगले दिन सुबह साढ़े 4 बजे तक बुझाने में जुटी रही। करीब साढ़े 20 घंटे मोहाली फायर ब्रिगेड की टीम ने काम किया।
इस दौरान नगर काउंसिल खरड़, डेराबस्सी, चंडीगढ़, एनडीआरएफ और एयरफोर्स स्टेशन की मदद भी ली गई। इस दौरान यह बात साफ देखने को मिली कि मोहाली फायर विभाग में मुलाजिमों और अति आधुनिक फायर उपकरणों की कमी है। वहीं, हादसा होने की स्थिति में आग पर काबू पाने के लिए काफी मुश्किल का सामना करना पड़ता है। इसी स्थिति से बचने के लिए नगर निगम मोहाली को फायर सेफ्टी कर्मचारियों की भरती और ट्रेनिंग पहल के आधार पर करनी चाहिए। जिससे ऐसी स्थिति से आसानी से निपटा जा सके।
इसके अलावा रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि फायर विभाग की तरफ से 508 बिल्डिंगों की चेकिंग की गई है। लेकिन नोटिस देने के बाद भी न तो इनकी चेकिंग की गई है और न किसी भी तरह की कार्रवाई हुई। बता दें कि मोहाली फायर ब्रिगेड के पास अफसर, ड्राइवर और टेली ऑप्रेटर मिलाकर कुल 25 लोगों का स्टाफ है। जो अलग-अलग शिफ्टों में काम करते हैं। कोई भी आगजनी का हादसा होने की स्थिति में सभी को काम करना पड़ता है।