अब तक चंडीगढ़ वासियों के 37 सैंपलों की जांच की गई है, जिनमें 25 निगेटिव जबकि 5 पॉजिटिव केस सामने आए हैं। वहीं, सात मरीजों के सैंपलों की रिपोर्ट आने का इंतजार है। यह सभी संदिग्ध की सूची में शामिल हैं। वहीं, 398 लोगों को घरों में 14 दिन के लिए बिना किसी से संपर्क में आए रहने के लिए रखा गया है।
23 वर्षीय युवती विदेश से आने के बाद अपने पड़ोसियों के संपर्क में आई थी। शुक्रवार को तीन पड़ोसियों को स्वास्थ्य विभाग ने जीएमसीएच-32 के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर उनके सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिए। वहीं, इसके संपर्क में आए माली, पॉर्लर महिला के परिवार को भी उनके घरों में 14 दिन के लिए रहने के आदेश कर दिए हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने उक्त मरीज के संपर्क में आए सभी 216 लोगों की जांच करने पर काम करना शुरू कर दिया है। इसके अलावा जीएमसीएच-16 के आइसोलेशन वार्ड में एक युवती जो चंडीगढ़ निवासी है और यूएसए से वापस आई है, उसका सैंपल लेकर जांच को भेजा है।
पीजीआई के आइसोलेशन वार्ड में मोहाली का रहने वाला एक युवक जो न्यूजीलैंड से वापस आया था, उसका सैंपल भी जांच के लिए भेजा गया है। चंडीगढ़ का अन्य निवासी जो हाल ही में टोरंटो, कनाडा से अपने घर वापस आया था और अब पीजीआई के आइसोलेशन वार्ड में उपचाराधीन है, उसका सैंपल भी जांच के लिए भेजा गया है। मोहाली की निवासी एक अधेड़ महिला जो वर्तमान में यूके से आई थी, उसको जीएमएसएच-16 के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है, उसके सैंपल को जांच के लिए भेजा गया है।
जीएमसीएच में आइसोलेशन वार्ड को शिफ्ट कर लगाई सुरक्षाकर्मियों की ड्यूटी
जीएमसीएच में कोरोना के मरीजों की निगरानी के लिए शुक्रवार को आइसोलेशन वार्ड को दूसरी जगह शिफ्ट कर वहां दो सुरक्षा गार्डों की ड्यूटी लगा दी गई है। सूत्रों का कहना है कि वहां से मरीज के भागने की जानकारी पर अस्पताल प्रशासन ने यह बदलाव किए हैं। पहले इन मरीजों को अस्पताल के बी ब्लॉक स्थित ओपीडी बिल्डिंग के पांचवें तल पर बनाए गए आइसोलेशन वार्ड में रखा जा रहा था। शुक्रवार को उन मरीजों को ए ब्लॉक के पांचवें तल पर स्थित प्राइवेट वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है। वार्ड के बाहर सुरक्षा किट पहने हुए दो गार्ड को तैनात किया गया है।