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विरासत-ए-खालसा ‘एशिया बुक ऑफ रिकार्ड' में दर्ज, साढ़े सात साल में एक करोड़ लोग देखने पहुंचे 

Sun, 11 Aug 2019 04:50 AM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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Virasat-e-Khalsa
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पंजाब सरकार की ओर से श्री आनंदपुर साहिब में बनाया गया दुनिया का विलक्षण अजायब घर ‘विरासत-ए-खालसा’ अब भारत के बाद एशिया में सबसे अधिक देखा जाने वाला अजायब घर बन गया है। इसका नाम ‘एशिया बुक ऑफ रिकार्ड’ में दर्ज हो गया है। यह खुलासा पंजाब के पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामलों के मंत्री चरनजीत सिंह चन्नी ने किया।

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कैबिनेट मंत्री चन्नी ने बताया कि एशिया बुक ऑफ रिकार्ड ने इस बात की पुष्टि कर दी गई है कि समूचे एशिया में विरासत-ए-खालसा अब तक का अकेला अजायब घर है, जहां एक दिन में सबसे अधिक सैलानियों की आमद दर्ज की गई है। उल्लेखनीय है कि विरासत-ए-खालसा में 20 मार्च, 2019 को 20569 सैलानी देखने पहुंचे थे। चन्नी ने बताया कि वास्तव में इस साल यह विरासत-ए-खालसा की ओर से बनाया गया तीसरा रिकॉर्ड है जो ‘लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड-फरवरी 2019 एडिशन’ और ‘इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड-2020 एडिशन’ के बाद दर्ज किया गया है।

मंत्री ने कहा कि पंजाब और सिखी के गौरवमयी व अतुल्य इतिहास और संस्कृति की यादगार के तौर पर बनाए गए ‘विरासत-ए-खालसा’ के दर्शनों के लिए आने वालों की संख्या पिछले 7.5 वर्षों में 1 करोड़ को पार कर चुकी है, जो पंजाब के लिए गौरव की बात है। मंत्री ने कहा कि मंत्रालय (सांस्कृतिक मामले) विरासत-ए-खालसा को ‘गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड’ में शामिल करने के लिए यत्नशील है और अब इस महान अजायब घर को एक संस्थान का रूप देने का समय आ गया है।
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पर्यटन विभाग के प्रमुख सचिव विकास प्रताप ने बताया कि विरासत-ए-खालसा ने कई अन्य पक्षों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने बताया कि पंजाब ऊर्जा विकास एजेंसी (पेडा) द्वारा आयोजित करवाए गए ‘स्टेट लेवल एनर्जी कंजरवेशन अवार्ड’ मुकाबलों में बिजली के सभ्य प्रयोग पर बेहतर प्रबंधन के लिए विरासत-ए-खालसा ने दूसरा इनाम प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि विरासत-ए-खालसा के उद्घाटन वाले दिन से आनंदपुर साहिब की आर्थिकता में एक बड़ी वृद्धि देखने को मिली है।

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