भारतीय वायुसेना ने फ्रांस की मदद से अपनी ताकत को और बढ़ाने का प्रयास किया है। कुछ दिन पहले भारतीय वायुसेना ने फ्रांस एयरफोर्स के साथ अपनी बारह दिन का युद्धाभ्यास खत्म किया है। भारत और फ्रांस की वायुसेना के बीच संयुक्त युद्धाभ्यास के दौरान एयरफोर्स के लॉजिस्टिक ऑपरेंशस मजबूत बनाए जाने पर मुख्य फोकस किया गया था।
फ्रांस स्थित मांट-डे-मार्सैन एयरफोर्स स्टेशन में हुए इस युद्धाभ्यास में भारतीय वायुसेना के जंगी जहाज सुखोई 30 एमकेआई के साथ-साथ लॉजिस्टिक ऑपरेशंस में इस्तेमाल होने वाले विमान आईएल-78 और सी-17 ग्लोबमास्टर ने भी भाग लिया। जंगी और लॉजिस्टिक विमानों के साथ इंडियन एयरफोर्स के 134 एयर वॉरियर्स ने बारह दिन तक दो चरणों में दिन व रात दोनों समय में युद्ध जैसा माहौल बनाकर फ्रांस की वायुसेना के साथ युद्धाभ्यास किया।
लॉजिस्टिक ऑपरेशंस पर भी फोकस
युद्ध के दौरान एयरफोर्स के लॉजिस्टिक ऑपरेंशस को भी कैसे और मजबूत बनाया जाए, इसे लेकर भी इंडियन और फ्रेंच एयरफोर्स के संयुक्त युद्धाभ्यास में मुख्य रूप से फोकस किया गया था। फ्रांस स्थित मांट-डे-मार्सैन एयरफोर्स स्टेशन में हुई इस वॉर एक्सरसाइज में इंडियन एयरफोर्स के जंगी जहाज सुखोई 30 एमकेआई के साथ-साथ लॉजिस्टिक ऑपरेशंस में इस्तेमाल होने वाले विमान आईएल-78 और सी-17 ग्लोबमास्टर ने भी भाग लिया। जंगी और लॉजिस्टिक विमानों के साथ इंडियन एयरफोर्स के134 एयर वॉरियर्स ने बारह दिन तक दो चरणों में दिन व रात दोनों समय में युद्ध जैसा माहौल बनाकर फ्रेंच एयरफोर्स के साथ एक्सरसाइज की।
एयरफोर्स के एक अफसर ने बताया कि युद्ध के दौरान लॉजिस्टिक ऑपरेशंस भी बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। इसलिए वॉर एक्सरसाइज में लॉजिस्टिक ऑपरेशंस का अभ्यास भी बहुत जरूरी बनता है। उनके अनुसार फ्रेंच एयरफोर्स के साथ इंडियन एयरफोर्स की वॉर एक्सरसाइज से दोनों देशों की वायुसेनाओं को एक-दूसरे के युद्ध कौशल व रणनीति को समझने व सीखने का मौका मिलेगा