विनी महाजन ने निवेश प्रोत्साहन और उद्योग एवं वाणिज्य के अपने कार्यकाल के दौरान राज्य में हर साल 20,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करवाने में सुचारु भूमिका निभाई। उन्होंने इस विभाग के उच्च पद पर रहते हुए साल 2019 में दावोस में हुए विश्व आर्थिक फोरम में पंजाब की पहली बार शिरकत करवाई।
इसके अलावा दिसंबर 2019 में एमएसएमई पर केंद्रित शानदार उच्च स्तरीय निवेश सम्मेलन करवाया। उनके नेतृत्व में विभाग ने फोकल प्वाइंटों के ढांचे में बड़ा सुधार किया और नए मेगा औद्योगिक पार्क अस्तित्व में लाए। उन्होंने अतिरिक्त मुख्य सचिव आवास निर्माण एवं शहरी विकास के तौर पर मोहाली हवाई अड्डे के नजदीक 5000 एकड़ की नई टाउनशिप की शुरुआत की।
प्रधानमंत्री कार्यालय में निभाईं अहम सेवाएं
विनी महाजन ने डॉ. मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्री कार्यकाल के दौरान 2005 से 2012 तक प्रधानमंत्री कार्यालय में सेवाएं निभाते हुए वित्त, उद्योग एवं वाणिज्य, टेलीकॉम, सूचना प्रौद्योगिकी आदि मामलों को निपुणता के साथ पूरा किया। वैश्विक मंदी के समय वह भारत की घरेलू प्रतिक्रिया संबंधी केंद्र सरकार की मुख्य टीम का हिस्सा रहीं और जी-20 सम्मेलन में भी सम्मिलन किया।
विनी महाजन ने पंजाब में विभिन्न पदों पर सेवाएं निभाईं, जिनमें पीआईडीबी की एमडी और पहली डायरेक्टर (विनिवेश) की सेवाएं शामिल हैं। वह 1997 में श्री आनंदपुर साहिब विकास अथॉरिटी की मुख्य प्रशासक नियुक्त हुईं। इसके अलावा श्री आनंदपुर साहिब फाउंडेशन की सीईओ के तौर पर 1999 में खालसा साजना दिवस की तीसरी जन्म शताब्दी के जश्नों को पूरा किया।
रोपड़ को दिलाया ‘राष्ट्रीय साक्षरता पुरस्कार’
1995 में जब उन्होंने रोपड़ की डिप्टी कमिश्नर के तौर पर पद संभाला तो वह पंजाब में डिप्टी कमिश्नर के तौर पर तैनात होने वाली पहली महिला अधिकारी बनीं। उस समय उन्होंने साक्षरता मुहिम में प्रभावशाली भूमिका निभाते हुए रोपड़ जिले को देशभर में बेहतर प्रदर्शन के लिए ‘राष्ट्रीय साक्षरता पुरस्कार’ दिलाया। उनके पिता बीबी महाजन पंजाब कैडर के आईएएस अधिकारी थे।
वह 1957 बैच के टॉपर थे। उन्होंने भारत सरकार में सचिव (खाद्य) के पद से सेवामुक्त होने से पहले पंजाब में वित्त कमिश्नर (राजस्व) सहित कई अहम पदों पर सेवाएं निभाईं।