लांडरां/बनूड़। क्षेत्र में ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस हाईवे-205ए के निर्माण के कारण अवरुद्ध हुए बरसाती पानी के प्राकृतिक प्रवाह को खुलवाने के लिए गांव राजोमाजरा के निवासियों ने शनिवार को सड़क पर धरना देकर निर्माण कार्य रुकवा दिया। गांव निवासी पानी के प्राकृतिक प्रवाह के लिए चैनल खुले रखने की मांग करते हुए एनएचएआई प्राधिकरण और प्रशासन के खिलाफ नारे लगा रहे थे।
इसकी सूचना मिलते ही हाईवे अधिकारी, बनूड़ के कानूनगो और पटवारी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की सहमति से 10 बाई 12 फीट साइज की दो पुलिया और एक अन्य पुलिया निचले स्थान पर बनाने और उस स्थान पर मिट्टी न डालने का आश्वासन देकर ग्रामीणों को शांत किया। सड़क पर बैठकर धरना दे रहे गांव के सरपंच सतपाल सिंह राजोमाजरा, राम सिंह, नेतर सिंह, सुरजीत सिंह, जतिंदर सिंह, पूर्व सरपंच भिंदर कौर, हरबंस कौर, सावित्री देवी, सुरिंदर कौर आदि सहित दर्जनों ग्रामीणों ने कहा कि गांव राजोमाजरा सहित हुंबडा, हंसाला, मनौली सूरत, नग्गल, छडबड, बुढ़नपुर और झज्जों सहित आठ गांव 15 फीट ऊंची बन रही सड़क और घग्गर नदी के बीच आते हैं। उन्होंने चिंता व्यक्त की है कि घग्गर नदी पर बांध बनाने से जमा हुआ बरसाती पानी खेतों में बह जाता है और कभी-कभी भारी बारिश के कारण गांवों के निचले घरों को नुकसान पहुंचता है। उन्होंने कहा कि अब दूसरी ओर भी ऊंची सड़क बन गई है, जिससे बारिश में उनका गांव डूब जाएगा।
उन्होंने कहा कि वह शुरू से ही सड़क को पिलरों पर ऊंचा करने की मांग कर रहे थे और कई बार पंचायत और ग्राम सभा का प्रस्ताव भी दिया गया था। इसकी शिकायत हर अधिकारी से की गई, लेकिन कोई कार्रवाई न होने पर मजबूरन उन्हें धरना देना पड़ा। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वह अन्य गांवों के लोगों को साथ लेकर किसी भी कीमत पर सड़क नहीं बनने देंगे।
दो पुलिया बनाने के प्रस्ताव पास
एनएचएआई के प्लानिंग इंजीनियर गर्वित शर्मा और रेजिडेंट इंजीनियर वरिंदर कुमार सिंह ने बताया कि गांव के नजदीक 10 बाई 12 फीट साइज की दो पुलिया बनाने का प्रस्ताव पास किया गया है। उन्होंने कहा कि एक और पुलिया को मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक पुलिया का काम शुरू नहीं होगा, तब तक उन जगहों पर मिट्टी नहीं डाली जाएगी।