जीरकपुर। बलटाना में थाने के नजदीक से निकल रहे सुखना चो के नजदीक शेड डालकर दुकानें बनाई जा रही थीं। जबकि यह लैंड नो कंस्ट्रक्शन जोन है। इसके बावजूद इसके टीन के शेड डालकर सात से आठ दुकानें बनाने का काम हो रहा था। इस कार्रवाई करते हुए एक दिन पहले शुक्रवार को ड्रैनेज विभाग ने काम रुकवा दिया था। वहीं विभाग की परवाह किए बिना शनिवार को फिर से शेड बनाने का काम शुरू कर दिया गया। बता दें कि 2011 में इस जमीन को नोटिफाई कर नो कंस्ट्रक्शन जोन घोषित कर दिया था। इसके चलते सुखना चो के साथ लगती जमीन में किसी तरह का निर्माण नहीं किया जा सकता है। जुलाई 2023 में बाढ़ आने के कारण बलटाना क्षेत्र से निकलने वाली इस सुखना चो में भी बहुत ज्यादा पानी आ गया था। यहां तक कि बलटाना चौकी में भी पानी भर गया। ऐसे हालात में सुखना चो के किनारे निर्माण सरासर गलत है। लेकिन लोग कानून व बाढ़ की परवाह किए बिना निर्माण कर रहे हैं। इसे रोकने के लिए ड्रैनेज विभाग ने कार्रवाई की है और निर्माण करने वाले को चेतावनी दी है कि अगर दोबारा निर्माण किया तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कोट्स
हमें शिकायत मिली थी, जिसके बाद शुक्रवार को काम बंद करवा दिया गया। लेकिन यहां काम दोबारा शुरू कर दिया गया। जिसका काम दोबारा से बंद करवाकर चेतावनी दी गई है कि यदि दोबारा काम शुरू किया तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह जमीन सुखना चो के साथ लगने के कारण नोटिफाइड है और इसे नो कंस्ट्रक्शन जोन घोषित किया हुआ है। जहां किसी भी तरह का निर्माण नहीं किया जा सकता, भले शेड ही क्यों न डाले जा रहे हों।
-चेतन शर्मा, जेई ड्रैनेज विभाग जीरकपुर