पैदल चलकर जब ग्रामीण उपायुक्त को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन देने पहुंचे तो गेट पर एसडीएम पहुंच गए। ग्रामीणों ने उन्हें ज्ञापन देने के लिए मना कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि ज्ञापन उपायुक्त को ही सौंपेंगे। इसके बाद कैंप कार्यालय में मौजूद उपायुक्त करीब 3 बजकर 20 मिनट पर ज्ञापन लेने के लिए कार्यालय में पहुंच गए और 11 लोगों के अंदर आने की अनुमति दी गई।
इस पर ग्रामीणों ने यह कहकर ज्ञापन देने से मनाकर दिया कि लघु सचिवालय के गेट के सामने मौजूद सभी ग्रामीणों के बीच आकर ज्ञापन लिया जाए। इसके बाद करीब 3 बजकर 45 मिनट पर उपायुक्त दोबारा ग्रामीणों के बीच ज्ञापन लेने आए। लेकिन ग्रामीणों ने ज्ञापन सौंपने से मनाकर दिया कि लोगों के बीच आकर ही ज्ञापन ले। इसके बाद 3 बजकर 55 मिनट पर उपायुक्त ने लघु सचिवालय के बाहर गेट पर आकर जनता के बीच ज्ञापन लिया। इसी बीच ज्ञापन को लेकर अटेली के पूर्व विधायक नरेश यादव की भी एक ग्रामीण के साथ बहस हो गई।
इनकी रही उपस्थिति
ग्रामीणों के विरोध प्रदर्शन में पूर्व विधायक डॉ. एमएल रंगा, पूर्व विधायक शकुंतला भगवाड़िया, पूर्व विधायक जसवंत सिंह, पूर्व विधायक नरेश यादव, एम्स संघर्ष समिति के प्रधान श्योताज सिंह, आजाद सिंह नांधा, पृथ्वीपाल सिंह, संजय मनेठी, पूर्व सरपंच सुरेश कुमार, ओपी सैन, डॉ बिल्लू, उप जिला प्रमुख जगफूल यादव, नीलम भगवाड़िया व अभय सिंह गुनवाल सहित अन्य मौजूद थे।