पंचकूला के गांव रत्तेवाली में मंगलवार को खनन के खिलाफ धरने पर बैठे ग्रामीणों और उनको हटाने गई पुलिस में जमकर बवाल हुआ। मामला इतना बढ़ गया कि पुलिस ने ग्रामीणों पर लाठीचार्ज कर दिया। इस पर गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। पुलिस ने बचाव में पांच से सात राउंड हवाई फायरिंग की और भागकर जान बचाई।
घंटों चले बवाल के दौरान उपद्रवियों ने रत्तेवाली नदी में बने एक कांटा सेंटर, एक पर्ची सेंटर, एक ऑफिस, चार बिजली के खंभे और एक झोपड़ी में आग लगा दी। उन्होंने 12 लोडर मशीनें, तीन बाइक बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दीं। इस दौरान तीन महिला पुलिस कर्मियों समेत 16 जवान और 20 ग्रामीण घायल हो गए।
सभी घायलों का उपचार सेक्टर-6 अस्पताल में चल रहा है। पुलिस ने 14 लोगों को नामजद और 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। गांव रत्तेवाली में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और वहां भारी पुलिस बल तैनात है। घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित कर घायलों को एंबुलेंस से सेक्टर-6 अस्पताल में पहुंचाया।
तीन सौ जवानों की फोर्स पहुंची थी गांव
गांव रत्तेवाली में धरने पर बैठे ग्रामीणों को हटाने के लिए एसीपी राम कुमार के नेतृत्व में करीब तीन सौ जवान मौके पर पहुंचे थे। ग्रामीणों ने बताया कि पुलिस अधिकारियों के कहने पर वे गाड़ी में सवार हो गए। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने घरों में जबरन घुसने की कोशिश की। जब महिलाओं ने विरोध किया तो उन्होंने बदसलूकी की। इसके चलते महिलाओं ने पथराव कर दिया।
उधर, पुलिस अधिकारियों ने आरोप को बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि ग्रामीण पिछले चार दिन से धरने पर बैठे हैं और वह प्रशासन के आदेश को ठेंगा दिखाते हुए किसी भी टिप्पर को वहां से गुजरने नहीं दे रहे थे। जिसके चलते ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में उन्हें हटाने पुलिस पहुंची थी।
सड़क के बीच में खड़ी की ट्रॉली
पुलिस अधिकारियों का आरोप है कि ग्रामीणों ने फोर्स को गांव में प्रवेश करने से रोकने के लिए सड़क के बीच ट्राली खड़ी कर दी और टायर भी लगा दिए। जब हटाने की कोशिश की गई तो ग्रामीणों ने पथराव कर दिया, जिसके चलते लाठीचार्ज करना पड़ा। पथराव में तीन महिला पुलिस कर्मी समेत 16 जवान घायल हो गए। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ग्रामीणों ने आगजनी भी की है। जबकि ग्रामीणों का आरोप है कि खनन ठेकेदार ने उन्हें फंसाने के लिए खुद आगजनी और वाहनों को क्षतिग्रस्त किया है।
ये पुलिस कर्मी हुए हैं घायल
अधिकारियों ने बताया कि महिला कांस्टेबल दया, रीना देवी के हाथ, सतीश कुमार, हर्षकेस कुमार, दिलीप कुमार, रोशन लाल, बहादुर खान, हेड कांस्टेबल प्रमोद के पैर, सिर और मुंह पर गंभीर चोटें आई हैं। इसके अलावा कांस्टेबल सुखविंदर सिंह के दाहिने पैर में चोट आई है। एएसआई जगदीश कुमार के सिर में गंभीर चोटें लगी हैं।
वह बेहोश हो गए थे और उनको एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया। कांस्टेबल सोनू कुमार सहित अन्य को भी हल्की चोटें हाथ-पैर में लगी है। सीएमओ डॉक्टर जसजीत कौर ने बताया कि तीन महिला पुलिस कर्मियों की हालत गंभीर है, जबकि अन्य की स्थिति सामान्य है। सभी का उपचार किया जा रहा है।
डीसीपी ने अस्पताल पहुंच घायलों का जाना हाल
पंचकूला डीसीपी मोहित हांडा और एसीपी नूपुर बिश्नोई ने अस्पताल में पहुंच घायलों का हाल जाना। मोहित हांडा ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। पंचकूला अस्पताल के इमरजेंसी इंचार्ज अमरजीत सिंह ने बताया कि सभी घायलों का इलाज चल रहा है। दस जवान अभी भर्ती हैं। अन्य को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है।