ग्रामीण एकत्र होकर अवैध रेत खनन की जानकारी देते हुए।
सीमांत गांव वकीलां वाली में शनिवार की रात एक सियासी नेता के समर्थक खनन माफिया के लोग ट्राले और जेसीबी मशीन लेकर अवैध रेत खनन के लिए पहुंचे। इसकी भनक लगने पर छह गांवों के ग्रामीणों ने अवैध रेत खनन कर रहे लोगों को वहां से खदेड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि खनन माफिया के लोग सड़क के किनारे गड्ढा खोद कर रेत की निकासी कर रहे थे, यहां पर तीस से चालीस फुट गड्ढा होने से उनके वाहन सड़क से नीचे गिरेंगे और रोजाना किसी न किसी की मौत होगी।
गांव वकीलां वाली में एकत्र ग्रामीणों ने कहा कि शनिवार की रात अचानक खनन माफिया के लोग सैकड़ों ट्राले वकीलां वाली की दाना मंडी में एकत्रित हो गए और जेसीबी से सड़क किनारे लगी धान की फसल उजाड़कर अवैध रेत खनन शुरू कर दिया। इसकी भनक लगने पर गांव वकीलां वाली, बस्ती राम लाल, भाने वाली बस्ती, नया जमशेर, वागे वाला व लड्डू वाला के लोग एकत्र हो गए और अवैध रेत खनन करने वालों को खदेड़ दिया। ग्रामीणों का कहना है कि चार साल पहले भी अवैध रेत खनन के चलते मेन सड़क टूट जाने से आने-जाने में परेशानी होती थी।
ग्रामीणों ने बताया कुछ दिन पहले ही दोबारा से सड़क बनना शुरू हुई है। अब फिर से अवैध रेत खनन के लिए ट्राले आने से सड़क बनने से पहले ही टूट जाएगी। ग्रामीण सूबा सिंह ने डिप्टी कमिश्नर गुरपाल सिंह चाहल और हलका विधायक से मांग की है कि अवैध रेत खनन रोका जाए। चार साल बाद दोबारा नई सड़क बन रही है, इसी तरह ट्राले और ट्रैक्टर-ट्राली रेत की ढुलाई करेंगे तो सड़क टूट जाएगी।
भाजपा के पूर्व विधायक ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
भाजपा के पूर्व विधायक सुखपाल सिंह नन्नू ने कहा कि अवैध रेत खनन संबंधी मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को पत्र लिखा है। पत्र में कहा कि सीमांत गांव की तरफ बहते सतलुज नदी के कंडे पर रेत खनन युद्धस्तर पर चल रहा है, ये काम कोई और नहीं, कांग्रेसी नेता कर रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से किसी निष्पक्ष एजेंसी से अवैध रेत खनन मामले की जांच कराने की मांग की है।