चंडीगढ़। हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार और संगठन में चल रहा सियासी घमासान फिलहाल थमा नहीं है। प्रदेश के लोकनिर्माण मंत्री व वीरभद्र सिंह के पुत्र विक्रमादित्य अपने पद से इस्तीफा देने के बाद चंडीगढ़ पहुंच गए। उन्होंने यहां के आईटी पार्क स्थित होटल ललित में बागी विधायकों से मुलाकात की, जिसके बाद वह हवाई मार्ग से दिल्ली रवाना हो गए। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से नाराज चल रहे विक्रमादित्य दिल्ली में भाजपा शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात कर सकते हैं। शुक्रवार को विक्रमादित्य का होटल ललित से निकलते हुए एक वीडियो सामने आया, जिसमें वह हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल के मीडिया सलाहकार तरुण भंडारी के साथ नजर आ रहे हैं। दोनों के बीच बातचीत होती है। इसके बाद विक्रमादित्य अपनी गाड़ी में बैठकर एयरपोर्ट रवाना हो गए। उन्होंने मीडिया के सवालों पर चुप्पी साधे रखी। बता दें कि हिमाचल प्रदेश के छह कांग्रेस विधायक राज्यसभा चुनाव में भाजपा के पक्ष में क्रॉस वोटिंग कर हरियाणा पुलिस और सीआरपीएफ की सुरक्षा में पंचकूला पहुंचे थे। एक दिन बाद उन्हें चंडीगढ़ के होटल ललित में शिफ्ट किया गया। शुक्रवार शाम तक सभी विधायक होटल में ही थे। सभी बागी विधायक दिल्ली से केंद्रीय नेतृत्व के इशारे का इंतजार कर रहे हैं। उनके साथ तीन निर्दलीय विधायक भी मौजूद हैं। विक्रमादित्य ने उनसे मुलाकात की और सीधे दिल्ली रवाना हो गए। सूत्र ये भी बताते हैं कि विक्रमादित्य दिल्ली में राहुल गांधी से भी मुलाकात कर अपनी बात रख सकते हैं।
गौर रहे कि हिमाचल विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने व्हिप का उल्लंघन करने पर इन छह विधायकों को अयोग्य करार दे दिया था। इसी दौरान लोक निर्माण विभाग मंत्री विक्रमादित्य ने भी अपना इस्तीफा पार्टी हाईकमान को सौंप दिया, जिसे हाईकमान ने विचारार्थ रख अभी स्वीकार नहीं किया है। कांग्रेस में इस फूट के बाद सुक्खू सरकार पर संकट खड़ा हो गया है। इसी बीच विक्रमादित्य की भाजपा नेताओं के साथ जुगलबंदी और दिल्ली रवाना होने से इस प्रकरण को और हवा मिल गई है।