चंडीगढ़। सेक्टर-9 स्थित मूव 2 एब्रॉड इमिग्रेशन कंपनी के खिलाफ विदेश भेजने के नाम पर लाखों की ठगी करने के मामले में सेक्टर-3 थाना पुलिस ने दो केस दर्ज किए गए हैं। पहले मामले की शिकायत में पटियाला के रहने वाले परमजीत सिंह ने विदेश भेजने के नाम हुई ठगी शिकायत दर्ज कराई है। वहीं, दूसरी शिकायत चंडीगढ़ के सेक्टर-15 निवासी हिमांशु वर्मा ने पुलिस को दर्ज करवाई है। पुलिस को दी शिकायत में पटियाला के रहने वाले परमजीत सिंह ने बताया कि उसे बेटी को पढ़ाई के लिए विदेश भेजना था। इस दौरान उसने टीवी और सोशल मीडिया पर सेक्टर-9 स्थित मूव 2 एब्रॉड इमीग्रेशन कंपनी का विज्ञापन देखा था। पीड़ित ने जब आरोपी कंपनी से संपर्क किया तो उसके कर्मचारियों ने उन्हें भरोसा दिलाया कि वह उसकी बेटी को विदेश भेज देंगे। आरोपी पक्ष की ओर से भरोसा दिलाए जाने के बाद वह अपने बेटी के साथ कंपनी के दफ्तर पहुंचा। जहां उसने आरोपी कंपनी के कर्मचारियों को बताया कि उसकी बेटी परनीत कौर के पास 5.5 बैंड है। वह अपनी बेटी को पढ़ाई के लिए कनाडा भेजना चाहते हैं। इसके बाद आरोपी पक्ष ने शिकायतकर्ता से बेटी को विदेश भेजने के लिए 20 लाख रुपये की मांग की गई। बाद में पैसे काम करते हुए 15 लाख 62000 पर पैकेज तय हो गया। शिकायतकर्ता एक मुताबिक आरोपी ने विश्वास दिलाया कि अगर काम नहीं हुआ तो उनकी सारी फीस वापस कर दी जाएगी। इसके बाद शिकायतकर्ता ने आरोपियों के झांसे में आकर आरोपी कंपनी की ओर से बताए गए खाते में पैसे ट्रांसफर कर दिए गए।
इसके अलावा सेक्टर-15डी के रहने वाले हिमांशु वर्मा ने सेक्टर-9 स्थित मूव टू एब्रॉड कंपनी के खिलाफ विदेश भेजने के नाम पर धोखाधडी करने की शिकायत दर्ज कराया है। पीड़ित ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसने कनाडा में नौकरी और पीआर के लिए आरोपी कंपनी के दफ्तर में जाकर संपर्क किया था। शिकायत के मुताबिक पीडित ने एनईएफटी के जरिए आरोपी इमीग्रेशन कंपनी मूव 2 एब्रॉड के खाते में कंसलटेंसी चार्ज के तौर पर 60 हजार रुपये जमा कराए थे। इसके बाद पीड़ित स्पॉन्सरशिप चार्ज के तौर पर आरोपी इमीग्रेशन कंपनी की ओर से बताए गए खाते में 8 लाख 88 हजार आरटीजीएस किए थे। शिकायतकर्ता के मुताबिक उसने जब आरोपी कंपनी से संपर्क करते हुए अपनी फाइल के बारे में कई बार पता किया तो कंपनी के कर्मचारियों ने उसका काम होने से इंकार करते हुए फाइल वापस लेने के लिए कहा। इसके बाद उसने कंपनी को अदा की गई रकम वापस करने की मांग करते हुए अपना बैंक अकाउंट दिया था। आरोपों के तहत कंपनी की ओर से कहा गया था कि उसके द्वारा अदा किए गए पैसे 45 से 60 दिन के अंदर उसके खाते में चले जाएंगे। लेकिन आज तक न तो उसके खाते में पैसे आए और ना ही उसे कनाडा की पीआर दिलाई गई।