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विकास बराला को नहीं मिली हाईकोर्ट से राहत, करना होगा 20 दिसंबर का इंतजार

Fri, 08 Dec 2017 09:18 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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विकास बराला - फोटो : File Photo
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में राहत की उम्मीद लेकर पहुंचे वर्णिका कुंडू छेड़छाड़ मामले में फंसे हरियाणा भाजपा अध्यक्ष सुभाष बराला के बेटे विकास बराला को वीरवार को भी हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली। जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान यूटी प्रशासन द्वारा 19 दिसंबर को क्रॉस एग्जामिनेशन होने की दलील पर कोर्ट ने सुनवाई टालते हुए  20 दिसंबर को सुनवाई करने का फैसला लिया है।
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विकास बराला की ओर से सीनियर एडवोकेट विनोद घई ने कहा कि इस मामले में बराला के खिलाफ बाद में धाराएं जोड़ कर उसे गिरफ्तार किया गया था जबकि पीड़ित लड़की ने भी पहले इन धाराओं के तहत शिकायत ही नहीं की थी। यह मामला पूरी तरह से बाद में गढ़ कर तैयार किया गया। याची 9 अगस्त से पुलिस हिरासत में है  और जांच पूरी हो चुकी है। ऐसे में विकास को इस मामले में जमानत दी जाए। इसके साथ ही हाईकोर्ट को बताया गया कि विकास बराला लॉ कर रहा है 18 दिसंबर को उसके नौवें सेमेस्टर की परीक्षा है। ऐसे में परीक्षा के दिन तक ही उसे अंतरिम जमानत दी जाए ताकि वह परीक्षा दे सके। 

चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से विकास बराला की जमानत का विरोध किया गया और कहा गया कि इस मामले में ट्रायल कोर्ट में 19 दिसंबर को क्रॉस एग्जामिनेशन है। ऐसे में तब तक तो जमानत नहीं दी जानी चाहिए। वैसे भी यही परीक्षा विकास का सह आरोपी भी दे रहा है। उसे हिरासत में इस परीक्षा की ट्रायल कोर्ट भी इजाजत दे चुकी है। ठीक इसी तरह विकास बराला भी हिरासत में परीक्षा दे सकता है। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद जस्टिस लीजा गिल ने ट्रायल कोर्ट में 19 दिसंबर को क्रॉस एग्जामिनेशन के अगले दिन 20 दिसंबर तक के लिए सुनवाई स्थगित कर दी है। 
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चार बार जिला कोर्ट में जमानत की याचिका
बता दें कि, वर्णिका कुंडू की शिकायत पर ही विकास बराला और उसके दोस्त आशीष कुमार को चंडीगढ़ पुलिस ने 9 अगस्त को गिरफ्तार किया था। बाद में उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। इसी मामले में विकास बराला पहले 4 चार बार जिला अदालत में अपनी जमानत की मांग को लेकर याचिका दायर कर चुका है और हर बार उसकी जमानत याचिका खारिज हो गई थी। 
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