चंडीगढ़ रीजनल पासपोर्ट आफिस में पिछले एक-दो सप्ताह से सरकारी बैंकों की ओर से पासपोर्ट सस्पेंड करने की रिक्वेस्ट एकाएक बढ़ गई हैं। इन रिक्वेस्ट का सीधा-सीधा कारण है विजय माल्या। दरअसल देश के 17 सरकारी बैंकों के 9 हजार करोड़ रुपये लेकर विजय माल्या के देश से फरार होने के बाद सरकारी बैंक नींद से जागे हैं। सभी सरकारी बैंकों ने इस घटना से सबक लेते हुए लोन डिफाल्टरों की सूची बनानी शुरू कर दी है।
इसके बाद सबसे पहला काम वह कर रहे हैं डिफाल्टरों का पासपोर्ट सस्पेंड कराने का, कि कहीं वो विदेश न भाग जाएं। निजी बैंकों की ओर से भी कोर्ट के माध्यम से लोन डिफाल्टरों की सूची पासपोर्ट कार्यालय को भेजी जा रही हैं। पासपोर्ट कार्यालय ने रिक्वेस्ट पर संबंधित लोगों को शोकॉज नोटिस भेज उनका जवाब मांगा था। जवाब के बाद कई लोगों के पासपोर्ट सस्पेंड किए गए हैं। वहीं कई के मामले अभी पेंडिंग पड़े हैं।
एक बड़े सरकारी बैंक के लोन डिपार्टमेंट से जुड़े एक सीनियर अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उन्हें सीनियर अधिकारियों से आदेश आएं हैं कि वह सभी लोन डिफाल्टरों की सूची बनाएं और पुलिस को भी सूचित करें और सबसे पहले उनके पासपोर्ट सस्पेंड कराएं। इस प्रक्रिया के तहत वह रोजाना 3 से 4 लोन डिफाल्टरों के नाम रीजनल पासपोर्ट कार्यालय को भेज रहे हैं, ताकि उनके पासपोर्ट सस्पेंड हो सकें और वह कहीं बाहर न जा सकें।