Dr Rajnesh Arora former Vice Chancellor of PTU
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जालंधर जोन की विजिलेंस टीम ने सोमवार सुबह पंजाब तकनीकी विश्वविद्यालय (पीटीयू) के पूर्व कुलपति रजनीश अरोड़ा को उनके निवास स्थान अमृतसर से गिरफ्तार किया। टीम का नेतृत्व डीएसपी करणवीर सिंह कर रहे थे।
उन पर पीटीयू का वीसी रहते हुए वित्तीय अनियमितता और घपले में शामिल होने के आरोप हैं। रजनीश सात साल तक पीटीयू के वीसी रहे। इस दौरान उन पर घोटाले के कई आरोप लगे, लेकिन भाजपा-शिअद राज में उनकी अच्छी पहुंच थी, जिससे मामले दबा दिए गए। रजनीश अरोड़ा पर अपने कार्यकाल के दौरान वित्तीय अनियमितताएं, डिस्टेंस एजुकेशन की व्यवस्था को अपने जानकार को ठेके पर देने और नियमों को दरकिनार कर बहाली करने के आरोप हैं।
तकनीकी शिक्षा मंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने अरोड़ा पर 24 करोड़ रुपये का घोटाला करने का आरोप लगाया था। उन पर कार्रवाई के संकेत पहले से ही दे दिए थे। चन्नी ने बीते साल अक्तूबर में कहा था कि रजनीश अरोड़ा के खिलाफ मामला दर्ज कराने के लिए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से सिफारिश भेजी गई है। वे बिना अनुमति डिस्टेंस एजुकेशन के नाम पर आठ फीसदी कंसल्टेंसी फीस अदा करते रहे। ऐसे में 24 करोड़ रुपये उन्होंने अपने ही किसी व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर कर दिए।
PTU के पूर्व वीसी को विजिलेंस ने किया गिरफ्तार
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पूर्व वीसी अरोड़ा वर्तमान में अमृतसर इंजीनियरिंग कॉलेज में मैनेजिंग डायरेक्टर के रूप में काम कर रहे हैं। दिसंबर 2008 से जनवरी 2015 तक अरोड़ा कपूरथला स्थित पीटीयू में वीसी तैनात रहे। इस दौरान उनके खिलाफ प्रदर्शन से लेकर विजिलेंस तक शिकायत हुई, लेकिन उन पर सत्ताधारी पार्टी के नेताओं का हाथ होने से कार्रवाई नहीं हो पाई।
तकनीकी शिक्षा मंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने इस मामले को उठाया तो मुख्यमंत्री कार्यालय ने इसकी जांच पूर्व आईएएस अधिकारी एसएस ढिल्लों को सौंपी। ढिल्लों ने हाल ही में अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी, जिसमें वित्तीय अनियमितताओं, डिस्टेंस एजुकेशन की व्यवस्था को अपने जानकार को ठेके पर देने और नियमों को दरकिनार कर बहाली करने का जिक्र किया गया था। खासकर डिस्टेंस एजुकेशन की व्यवस्था में भारी अनियमितता और अवैध कमाई का जिक्र किया गया था।