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Haryana News: डीएसपी से हेड कांस्टेबल बोला- जिस जेल के जेलर हो, वहां कैदी हो जाओगे, वीडियो हुआ वायरल

Mon, 09 Jan 2023 01:09 AM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत (हरियाणा)

सार

ट्रैफिक पुलिस में तैनात हेड कांस्टेबल आशीष कुमार ने सेना, पुलिस और जेल के विभिन्न रैंक के अधिकारियों के आईडी कार्ड लेकर टोल पार करने वालों पर शिकंजा कसना शुरू किया है। ड्यूटी के दौरान शनिवार को वे पानीपत टोल पर तैनात थे। इस दौरान उन्होंने एक ही दिन में कई आईकार्ड जब्त किए हैं, जिनका गलत इस्तेमाल हो सकता था।
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हेड कांस्टेबल आशीष उर्फ सिंघम अलग-अलग लोगों से पानीपत टोल पर पकड़े गए फर्जी कार्ड दिखाते हुए। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा एक वीडियो खूब सुर्खियां बटोर रहा है। इसमें एक हेड कांस्टेबल ने डीएसपी को कहा कि जिस जेल के जेलर हो, वहीं पर कैदी बन जाओगे। दरअसल, घटना तब हुई जब डीएसपी पिता का आईकार्ड दिखाकर बेटा टोल पार करना चाह रहा था। तभी हेड कांस्टेबल ने उसे रोक लिया। जब आईकार्ड दिखाने से बात नहीं बनी तो बेटे ने पिता से हेड कांस्टेबल की बात कराई। इस पर हेड कांस्टेबल के सख्त रुख से डीएसपी भी हक्के-बक्के रह गए। 

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ट्रैफिक पुलिस में तैनात हेड कांस्टेबल आशीष कुमार ने सेना, पुलिस और जेल के विभिन्न रैंक के अधिकारियों के आईडी कार्ड लेकर टोल पार करने वालों पर शिकंजा कसना शुरू किया है। ड्यूटी के दौरान शनिवार को वे पानीपत टोल पर तैनात थे। इस दौरान उन्होंने एक ही दिन में कई आईकार्ड जब्त किए हैं, जिनका गलत इस्तेमाल हो सकता था। इस कार्रवाई का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसे हेड कांस्टेबल ने अपने फेसबुक पेज पर भी डाला है। 

वीडियो में उन्होंने एक जेल के डीएसपी के बेटे की गाड़ी को रोका है। वह पिता का आईडी कार्ड दिखाकर टोल क्रॉस कर रहा था। इस दौरान डीएसपी के बेटे ने फोन पर पिता की हेड कांस्टेबल से बात करवाई। इस दौरान हेड कांस्टेबल के सख्त रुख से डीएसपी भी हक्के बक्के रह गए। 

हेड कांस्टेबल और डीएसपी की फोन पर बातचीत...

हेड कांस्टेबल- सर नमस्कार, कौन बोल रहे हो ?

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डीएसपी- जोगिंद्र देशवाल, डीएसपी जेल, पानीपत
हेड कांस्टेबल- सर, मैं आशीष हेड कांस्टेबल, सिंघम बोल रहा हूं। आप अपना आईडी कार्ड ऐसे यूज करने के लिए बच्चों को दे देते हैं। क्या आपको पता नहीं, जिस जेल के आप डिप्टी सुपरिटेंडेंट हो, उसके आप कैदी भी हो सकते हो, इस तरह का काम करने से।
डीएसपी- हां, हां समझ गया मैं। मेरी बात तो सुनो।
हेड कांस्टेबल- आज, मैने 10 फेक आईडी कार्ड पकड़े हैं

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डीएसपी- अच्छी बात है मगर मेरी बात सुनो।
हेड कांस्टेबल- आज तो मैं भाईचारे के नाते, इंसानियत के नाते छोड़ रहा हूं। ये आईडी कार्ड आपका ओरिजनल है या कॉपी है।
डीएसपी- ये तो कॉपी है, ओरिजनल तो मेरे पास है।
हेड कांस्टेबल- हां, आपने इस तरह कॉपी करके किसी और को भी दिया हुआ है क्या ?
डीएसपी- नहीं, किसी और को नहीं दिया हुआ है।
हेड कांस्टेबल- सर, रिक्वेस्ट है आपसे, आइंदा इस तरह पकड़े गए तो मैं छोडूंगा नहीं।
डीएसपी- जी।
हेड कांस्टेबल- मेरे को आज एक शख्श डीजीपी से बात करवा रहा था पर मैंने नहीं छोड़ा। उसका भी 10 हजार का चालान किया है। भाईचारे में तो कोई बेशक मेरी गर्दन उतार ले।
डीएसपी का बेटा (फोन के स्पीकर पर चल रही बातचीत में) - नहीं करेंगे, दोबारा ऐसी गलती।
हेड कांस्टेबल- दोबारा ऐसी गलती नहीं करना, वरना जिस जेल के सुपरिंटेंडेंट हो, उसके कैदी बनने में देर नहीं लगती।
डीएसपी- ठीक है, ठीक है।
हेड कांस्टेबल- थैंक्यू सर
डीएसपी- थैंक्स टू यू, थैंक्यू 
हेड कांस्टेबल- कार्ड को जब्त कर रहा हूं।
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