चंडीगढ़। धन शोधन से जुड़े मामले में ढाई करोड़ की रिश्वत मांगने के मामले में सोमवार को सीबीआई कोर्ट में सुनवाई हुई। रिश्वत मांगने के आरोपी शिमला ईडी के सहायक निदेशक विशालदीप के भाई विकासदीप का भी वॉयस सैंपल लेकर पैसे मांगने वाली रिकॉर्डिंग से मिलान करवाया जाएगा। वहीं, कोर्ट ने जांच टीम को आरोपियों के वॉयस सैंपल की जांच दिल्ली सीबीआई की सीएफएसएल के बजाय किसी अन्य लैब से करवाने के आदेश दिए हैं। इस मामले में अगली सुनवाई 3 मार्च को होगी।
गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश में वर्ष 2012 से 2017 के बीच शिक्षण संस्थानों की ओर से किए गए छात्रवृत्ति घोटाले में आरोपियों के खिलाफ धन शोधन से जुड़े मामले में शिमला ईडी की टीम भी कार्रवाई कर रही थी। इस मामले में शिमला ईडी के सहायक निदेशक विशालदीप द्वारा दो शिक्षण संस्थान संचालकों से ढाई करोड़ रुपये रिश्वत मांगी गई थी। इस मामले में जांच टीम विशालदीप के अलावा उसके भाई विकासदीप, नीरज और दिल्ली सीबीआई डीएसपी बलबीर सिंह को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच टीम अब विशालदीप के अलावा डीएसपी के सैंपल लेने के लिए कार्रवाई करेगी क्योंकि उन्हें वॉयस सैंपल की परमिशन कोर्ट से पहले ही मिल चुकी है।