डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम पर लगे साध्वी यौन शोषण मामले में पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत में सुनवाई हुई। इसमें संबंधित पहले के जांच अधिकारी केएल रैना कोर्ट में पेश हुए।
सुनवाई के बाद बचाव पक्ष के वकील ने बताया कि सुनवाई में केएल रैना ने बताया कि दोनों लड़कियों ने 2003 में बाबा के खिलाफ यौन उत्पीड़न का कोई आरोप नहीं लगाया था।
पीड़ितों ने यौन उत्पीड़न के बारे में कोई बयान नहीं दिया था। अब इस मामले की अगली सुनवाई 5 नवंबर को होगी। गौरतलब है कि पंचकूला की विशेष सीबीआई में डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम पर साध्वी यौन शोषण समेत हत्या के मामले चल रहे हैं।
एक गुमनाम पत्र के माध्यम से साध्वी ने डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम पर यौन शोषण सहित कई संगीन आरोप लगाए थे। उच्च न्यायालय ने पत्र पर संज्ञान लेते हुए सितंबर 2002 को मामले की सीबीआई जांच के आदेश दिए थे।
सीबीआई ने जांच में उक्त तथ्यों को सही पाया और डेरा प्रमुख गुरमीत सिंह के खिलाफ विशेष अदालत के समक्ष 31 जुलाई, 2007 में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। डेरा प्रमुख को उक्त मामले में अदालत से जमानत तो मिल गई। लेकिन पिछले लंबे समय से मामला पंचकूला की सीबीआई अदालत में चल रहा है।