बिजली विभाग ने उन उपभोक्ताओं पर भारी जुर्माना लगाने की तैयारी की है जो अपने घर के लिए मंजूर हुए लोड से ज्यादा बिजली का इस्तेमाल कर रहे हैं और उन्होंने सही लोड घोषित नहीं किया है।
बिजली विभाग ने केंद्र शासित प्रदेशों के लिए गठित ज्वाइंट इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (जेईआरसी) के पास याचिका दायर कर जुर्माना लगाने की मंजूरी मांगी है। साथ ही जुर्माने की राशि में भी बढ़ोतरी करने की स्वीकृति मांगी है। अभी 250 रुपये प्रति किलोवाट के हिसाब से जुर्माना लगाए जाने का प्रावधान है।
जेईआरसी ने इससे पहले घर के लिए स्वीकृत लोड से ज्यादा बिजली के इस्तेमाल पर शहर के उपभोक्ताओं के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई न करने के आदेश दिए थे। लेकिन, चंडीगढ़ के बिजली विभाग ने जेईआरसी की ओर से इस संबंध में जारी किए गए आर्डर को चुनौती देते हुए पुनर्विचार याचिका फाइल की है।
बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ओवरलोडिंग के कारण गर्मी में ट्रांसफार्मर खराब हो जाते हैं। अगर लोग अपना लोड डिक्लेयर कर दें तो बिजली विभाग के लिए आसानी हो जाएगी कि किस सब-स्टेशन के तहत कितना लोड होगा। उसी के अनुसार उसे अपग्रेड किया जा सकेगा।
सिर्फ आठ फीसदी लोगों ने घोषित किया है लोड
शहर में सिर्फ आठ फीसदी बिजली उपभोक्ताओं ने अपने घर के बिजली का लोड घोषित किया है। बिजली विभाग लंबे समय से लोगों को अपने घर का लोड सेल्फ डिक्लेयर करने को कह रहा है। इसके लिए बिजली के बिल के साथ फार्म भी भेजे जा रहे हैं, लेकिन, 2.09 लाख उपभोक्ताओं में से लगभग 16 हजार उपभोक्ताओं ने ही लोड डिक्लेयर किया है। शहर में कुल 2, 09, 602 बिजली के उपभोक्ता हैं, जिनमें से 1, 78, 883 घरेलू और 25, 806 कॉमर्शियल उपभोक्ता हैं।
अब नए सिरे से भेजे जाएंगे नोटिस
ध्यान रहे कि बिजली विभाग ने पहले उन उपभोक्ताओं को नोटिस भेजे थे जो मंजूर लोड से ज्यादा बिजली इस्तेमाल करते थे। यह नोटिस इलेक्ट्रिसिटी एक्ट की धारा 126 के तहत भेजे गए थे। नोटिस के माध्यम से लोगों को अपने घर का लोड बढ़ाने के लिए कहा गया था। अब जेईआरसी से मंजूरी मिलने के बाद बिजली विभाग नए सिरे से नोटिस भेजकर मंजूर लोड से ज्यादा बिजली का इस्तेमाल करने वालों पर भारी जुर्माना लगाएगा।