25 अगस्त को राम रहीम की पेशी के चलते पंजाब, हरियाणा, पंचकूला में चप्पे चप्पे पर पुलिस और मिलिट्री तैनात है। वहीं, पुलिस को कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। साध्वी के यौन शोषण मामले में डेरामुखी सिरसा बाबा गुरमीत सिंह राम रहीम पर 48 घंटे बाद 25 अगस्त को फैसला आएगा। लेकिन पुलिस हर हालात से निपटने को तैयार है। प्रदेश में 16 हजार पुलिस मुलाजिम तैनात किए गए हैं। 47 स्थानों को हाइपर सेंसिटिव घोषित किया है। पंजाब से सटी हरियाणा और हिमाचल सीमा को सील किया गया है।
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डेरा प्रमुख पर टिप्पणी करने वालों पर रहेगी नजर
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने डेरा प्रमुख संत गुरमीत राम रहीम की 25 अगस्त की पेशी को ध्यान में रखते हुए पंजाब, दिल्ली, राजस्थान, चंडीगड़ और यूपी पुलिस को अहम निर्देश जारी किए हैं। राज्यों सरकारों को सोशल साइट्स पर नजर रखने के लिए कहा गया है। गृह मंत्रालय ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि सोशल मीडिया पर कोई भी व्यक्ति डेरा प्रमुख के खिलाफ पोस्ट करता है या कमेंट करता है उस पर तुरंत कार्रवाई की जाए।
75 पैरा मिलिट्री फोर्स की कंपनियां तैनात
राज्य में 75 पैरा मिलिट्री फोर्स की कंपनियां तैनात की गई हैं। मालवा बेल्ट के 13 जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। जबकि मोगा में सात पैरा मिलिट्री फोर्स की कंपनियां तैनात की गई हैं। इसके अलावा 11000 मुलाजिम व 50 कंपनियां पीएपी की लगाई गई हैं। 13 ड्रोन से नजर रखी जा रही है। मंगलवार को डीजीपी सुरेश अरोड़ा ने कई इलाकों का दौरा किया। अस्पतालों को भी अलर्ट किया है। फरीदकोट समेत कई इलाकों में लाइसेंसी हथियारों को भी जमा किया जा रहा है। डीजीपी ने कहा माहौल बिगड़ने नहीं देंगे, गोलियां तक चला सकते हैं। वहीं, डेरा प्रेमी मीटिंग कर बाबा को नुकसान पहुंचने देने की शपथ ले रहे हैं।
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सरकारी भवन को अस्थायी जेल में तब्दील किया
Security Alert
हरियाणा सरकार ने डेरामुखी गुरमीत राम रहीम के साध्वी यौन शोषण मामले में सीबीआई की विशेष अदालत का निर्णय आने से पहले सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर अपनी तैयारी पूरी कर ली है। सिरसा सहित संवेदनशील घोषित नौ जिलों के बड़े सरकारी भवन अस्थायी जेलों में तबदील कर दिए गए हैं।
सभी जिलों में धारा 144 लागू कर दी है। अब डेरा प्रेमियों के सभी नाम चर्चा घरों में लाठी, डंडा व हथियार प्रतिबंधित हैं। सीमाओं को सील करने के बाद इंटर स्टेट और इंटर डिस्ट्रिक्ट में वाहनों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव रामनिवास ने बताया कि केंद्र सरकार से 115 अर्ध सैनिक बलों की और कंपनियां मांगी हैं। इसके लिए उच्च स्तर से डिमांड भेजी गई है। राज्य में जितने भी होमगार्ड हैं उन्हें ड्यूटी पर बुलाया जा रहा है। जगह-जगह पर क्रेन, एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की व्यवस्था की गई है।
बठिंडा के सलाबतपुरा डेरे पर रहेगी सबसे पैनी नजर
साध्वी यौन शोषण केस में डेरामुखी राम रहीम पर फैसला
डेरा मुखी पर 25 अगस्त को आने वाले फैसले के मद्देनजर पूरा पंजाब और हरियाणा हाई अलर्ट पर है, वहीं बठिंडा के सलाबतपुरा डेरे पर पंजाब पुलिस और इंटेलीजेेंस की खास नजर बनी हुई है। मई 2007 में इसी डेरे में डेरा मुखी ने दशम गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह की तरह की वेशभूषा पहनकर डेरा प्रेमियों को जाम-ए-इंसां पिलाया था।
इसके बाद डेरा प्रेमियों और सिखों में टकराव हो गया था और सिखों की ओर से डेरा मुखी के खिलाफ केस किया गया था। अब जिला प्रशासन ने डेरा सलाबतपुरा को पूरी तरह से पुलिस छावनी में तबदील कर दिया है। 24 घंटे डेरे के इर्द गिर्द पुलिस की तैैनाती है। हालांकि बड़ी तादाद में डेरा प्रेमी डेरे में पहुंचने लगे हैं।
डेरे से जुडे़ साधू सिंह का कहना है कि डेरा प्रेमी तो सत्संग के लिए आ रहे हैं और वह ऐसी कोई भी बात नहीं करते जिससे अमन कानून की स्थिति बिगड़े। कानून सब के लिए एक है। सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में डाली जा रही भड़काऊ पोस्ट के बारे में उन्होंने कहा कि यह कुछ शरारती लोगों की चाल है जो पंजाब की अमन शांति भंग करना चाहते हैं। डेरा समर्थक ऐसा कुछ नहीं करेंगे, जिससे अमन शांति भंग हो।
सीएम ने डीजीपी को सौंपा हेलीकाप्टर, हालात पर नजर रखने को कहा
Security Alert in Punjab
साध्वी मामले में डेरा प्रमुख पर 25 अगस्त को सुनाए जाने वाले फैसले के मद्देनजर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपना हेलीकाप्टर डीजीपी सुरेश अरोड़ा को सौंप दिया है। उन्हें राज्य का दौरा कर हालात पर नजर रखने को कहा गया है। मंगलवार को डीजीपी अन्य पुलिस अधिकारियों के साथ सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने हेलीकाप्टर से बठिंडा पहुंचे।
वहीं राज्य के गृह विभाग ने खुफिया तंत्र से मिल रही सूचनाओं के आधार पर केंद्र सरकार को अतिरिक्त सुरक्षा बल मुहैया कराने और केंद्रीय सुरक्षा बलों को 25 अगस्त के बाद अगले 10 दिन तक पंजाब में तैनात रखने का आग्रह किया है। सूत्रों के अनुसार, खुफिया तंत्र ने रिपोर्ट दी है कि अगर सीबीआई कोर्ट का फैसला डेरामुखी के खिलाफ आया तो कट्टरपंथी सिख डेरे के अनुयायियों के सामने खुशी मनाकर उन्हें भड़का सकते हैं।
इसके अलावा डेरा प्रेमियों द्वारा प्रतिक्रिया स्वरूप बंद या प्रदर्शन किए जाने के दौरान कट्टरपंथी सिख उनके विरोध में बाहर निकल सकते हैं। ऐसे में सरकार के लिए स्थिति संभालना कठिन हो सकता है। इस बीच, पंजाब पहुंची केंद्रीय सुरक्षा बलों की कंपनियों की तैनाती जिलों में डेरा प्रेमियों की तादाद को देखते हुए की गई है। मालवा क्षेत्र के जिलों में 12 कंपनियां तैनात की गई हैं जबकि तीन पुलिस कमिश्नरेट के क्षेत्र में 10 कंपनियां और बाकी बचे जिलों में पांच कंपनियों को तैनात किया गया है।
सूबे के लगभग सभी जिलों में स्थापित डेरा सच्चा सौदा के नाम चर्चा केंद्रों पर भी सुरक्षा बलों को तैनात कर दिया गया है और नाम चर्चा केंद्रों में डेराप्रेमियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। पंजाब सरकार केंद्रीय सुरक्षा बलों का उपयोग सूबे में रेल और बस यातायात सुचारू रखने के लिए भी करेगी। अफवाहों की रोकथाम के लिए राज्य पुलिस सोशल मीडिया साइटों पर रोक लगा सकती है। इस बीच गृह विभाग के अधिकारियों ने बताया कि केंद्र सरकार से और सुरक्षा बल मांगा गया है लेकिन अभी इस पर कोई फैसला नहीं हुआ है।
डेरा सच्चा सौदा प्रमुख की 25 अगस्त को पंचकूला में सीबीआई की पेशी के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को सख्त कर दिया गया है। प्रदेश में धारा-144 लागू करने के साथ ही संवेदनशील जिलों में अर्धसैनिक बलों की 35 कंपनियों को तैनात किया गया है। प्रदेश से लगती सभी सीमाओं को सील करने के साथ ही सुरक्षा बल दो दिनों से फ्लैग मार्च निकाल रहे हैं। डेरा प्रेमियों पर खुफिया नजर भी रखी जा रही है।
सिरसा शहर की सीमाओं और डेरा सच्चा सौदा के चारों तरफ के क्षेत्र को पूरी तरह से सील कर दिया गया है। सीआरपीएफ और आरएएफ के जवानों ने फ्लैग मार्च निकाला। पानीपत में प्रशासन ने धारा-144 लगा दी है। बहादुरगढ़ में दिल्ली की सीमाओं को सील कर दिया गया है।
टिकरी बार्डर, झाड़ोदा बार्डर, ढांसा बार्डर के अलावा निजामपुर बार्डर पर हरियाणा पुलिस और होमगार्ड के जवानों को तैनात किया गया है। झज्जर जिले में धारा-144 लागू कर दी है। कैथल जिले में डीजीपी के आदेशानुसार अस्थायी जेल का निर्माण किया जाएगा। चरखी दादरी जिले में भी प्रशासन ने धारा-144 लागू कर दी है। जिले की सीमाएं सील कर दी है। हिसार में पैरा मिलिट्री फोर्स और पुलिस के जवानों ने फ्लैग मार्च किया।