25 अगस्त को राम रहीम पर फैसले के चलते उस स्टेडियम को जेल में बदला जा रहा है, जहां से कपिल देव, युवराज सिंह और हरभजन सिंह जैसे खिलाड़ी देश को मिले हैं। फैसले से पहले पुलिस, मिलिट्री और सरकार हाईअलर्ट पर हैं। वहीं चंडीगढ़ में क्रिकेट स्टेडियम को अस्थाई जेल बनाने के निर्देश जारी हुए हैं। प्रशासन ने चंडीगढ़ पुलिस को भी शहर में सुरक्षा बंदोबस्त चाकचौबंद करने के निर्देश दिए है।
गृह सचिव अनुराग अग्रवाल ने डीजीपी को निर्देश जारी कर हुड़दंगियों व कानून व्यवस्था का उल्लंघन करने वालों के लिए अस्थायी जेल तक बनाने के निर्देश दे दिए है, जो सेक्टर 16 का क्रिकेट स्टेडियम होगा। आदेशों के तहत 25 अगस्त को सेक्टर-16 स्टेडियम के आसपास करीब 250 से 300 पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाएगा। इसके अलावा पैरा मिलिट्री फोर्स व चंडीगढ़ पुलिस के क्राइम ब्रांच के वरिष्ठ अधिकारियों की यहां विशेष ड्यूटी लगाई जाएगी।
प्रशासन ने ऐलान किया कि डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी जो शहर में घुसने की कोशिश करेंगे या जो पहले ही आ चुके हैं, उन्हें स्टेडियम में डिटेन किया जा सकेगा। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए अनुयायियों को हिरासत में लिया जा सकता है, इसी को ध्यान में रखते हुए स्टेडियम को जेल के तौर पर प्रयोग किया जाएगा। बता दें कि स्टेडियम 15.32 एकड़ में फैला हुआ है। स्टेडियम की क्षमता 20 हजार दर्शकों की है।
सड़कों पर कैसे डेरा प्रेमी, मिलिट्री और पुलिस डटी
डेरामुखी राम रहीम पर फैसला
साध्वी मामले में 25 को डेरा मुखी की पेशी को लेकर डेरा समर्थकों के शुक्रवार डेढ़ बजे रात तक पंचकूला आने का सिलसिला जारी रहा। नाम चर्चा घर के बाहर ग्राउंड या सड़कों पर जहां जिसे जगह मिली, वही फैसले के इंतजार में डट गए। इस दौरान सुरक्षा कर्मियों ने सेक्टर-23 से शहर की तरफ बढ़ रहे समर्थकों को ताऊ देवीलाल स्टेडियम के पास रोक लिया, नतीजतन 2500 से अधिक लोगों ने सड़कों पर ही डेरा डाल दिया।
ट्राइसिटी में इस समय हजारों डेरा प्रेमी जुटे हुए हैं। मंगलवार को पूरे दिन सेक्टर-23 में जत्था पहुंचता रहा। पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों ने सघनता से उनकी जांच भी की। सुरक्षा कर्मी मंगलवार देर रात तक सड़कों पर शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए डटे रहे। अचानक शहर के अंदर की तरफ बढ़ रहे समर्थकों को रोक दिया गया। अधिकतर समर्थक दूसरे शहरों से आए हुए हैं, ऐसे में उन्हें यह भी पता नहीं चल पा रहा है कि जाएं तो किधर।
दूर दराज खासकर पंजाब के अलग अलग क्षेत्रों से पहुंचने वाले डेरा समर्थकों छोटे छोटे समूहों में शहर में दाखिल होते रहे। औसतन हर मिनट शहर के अलग अलग रास्तों से 30-35 लोग शहर में पहुंचे। खबर लिखे जाने तक पंचकूला के सेक्टरों, आसपास, धार्मिक परिसरों में रात तक 40 हजार से अधिक समर्थक पहुंच चुके थे। पिछले 24 घंटे में पंचकूला में दाखिल होने वाले समर्थकों में सर्वाधिक पंजाब से हैं, जिनमें महिलाओं की संख्या अधिक हैं।
केंद्र का आदेश- सुरक्षा का हो पुख्ता इंतजाम
डेरामुखी राम रहीम पर फैसला
गृह मंत्रालय ने यूटी प्रशासन को निर्देश जारी कर शहर की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने को कहा है। चंडीगढ़ में पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट, सीबीआई का जोनल आफिस, पंजाब व हरियाणा विधानसभा, पंजाब व हरियाणा सचिवालय, हाईकोर्ट के जज, आईएएस, आईपीएस, पंजाब व हरियाणा के एमएलए व राज्य मंत्री तक यहां रहते हैं।
इस लिहाज से चंडीगढ़ की सुरक्षा बेहद जरूरी हैं। इस पर होम सेक्रेटरी अनुराग अग्रवाल ने डीजीपी चंडीगढ़ को निर्देश जारी कर शहर के अति संवेदनशील स्थलों पर पुलिस जवानों की विशेष टुकड़ी तैनात करने के लिए कहा है। इसके अलावा 25 अगस्त को चंडीगढ़ के स्कूल, कॉलेज, सरकारी कार्यालयों व मुख्य चौराहों व बाजारों में पुलिस के जवान सुरक्षा के लिहाज से मुस्तैद रहेंगे।
एडीसी को सौंपी जिम्मेदारी, सभी एसडीएम को दिए आर्डर
डीसी अजीत बालाजी जोशी ने आर्डर जारी कर 25 अगस्त को शहर की सुरक्षा व्यवस्था का जिम्मा एडीसी राजीव गुप्ता को सौंपा हैं। इसके अलावा शहर के सभी एसडीएम व एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट को अपने-अपने एरिया में सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त करने के लिए कहा है।