पंजाब विधानसभा में मंगलवार को जेल मंत्री हरजोत बैंस ने दावा किया कि पिछली कांग्रेस सरकार ने उत्तर प्रदेश के बाहुबली मुख्तार अंसारी को यूपी सरकार से बचाने के लिए फर्जी एफआईआर दर्ज कर उसे रोपड़ की जेल में रखा। जिस एफआईआर के तहत उसे पंजाब में लाया गया था, आज तक उस केस में चालान पेश नहीं हुआ। सुप्रीम कोर्ट में अंसारी की पैरवी के लिए पंजाब सरकार ने वकील पर 55 लाख रुपये खर्च किए। इसका बिल अब सरकार के पास आया है। बैंस ने कहा- इस मामले में एफआईआर दर्ज करने के आदेश दे दिए हैं। जल्द ही पता चल जाएगा कि यह सब किसके आदेश पर हुआ।
जेल मंत्री के इस खुलासे के बाद विधानसभा में हंगामा हो गया। सदन में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा और पूर्व जेल मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने आरोपों को गलत ठहराते हुए सबूत पेश करने की चुनौती दे डाली लेकिन बैंस अपनी बात पर टिके रहे और कहा जो कुछ कह रहे हैं, वह बिल्कुल सही है।
मुख्तार अंसारी को तीन साल पहले पंजाब की रोपड़ जेल में लाया गया था। उस पर मोहाली के बिल्डर से 10 करोड़ की रंगदारी मांगने का आरोप था। 24 जनवरी 2019 को कोर्ट में पेश कर उसे रोपड़ जेल में भेज दिया गया। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पिछले साल अप्रैल में उसे पंजाब से उत्तर प्रदेश पुलिस ले गई थी। इस समय वह यूपी के बांदा जेल में बंद है।
25 कैदियों वाली बैरक में अकेले रखा गया था अंसारी को
जेल मंत्री ने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा- मुख्तार अंसारी को रोपड़ जेल में 2 साल 3 महीने तक रखा गया। इस दौरान उसे ऐशो-आराम की सभी चीजें मुहैया करवाई गई। जिस बैरक में 25 कैदी रह सकते थे, वहां पर उसे अकेले रखा गया था। साथ में उसकी पत्नी भी रहती थी।
अंसारी के खिलाफ 26 बार वारंट निकले, फिर भी नहीं सौंपा
यह भी दावा किया गया कि यूपी पुलिस ने अंसारी के खिलाफ 26 बार प्रोडक्शन वारंट निकाले लेकिन पंजाब की कांग्रेस सरकार ने अंसारी को यूपी के हवाले नहीं किया। इस मामले में यूपी सरकार सुप्रीम कोर्ट चली गई। पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में पैरवी के लिए एक नामी वकील को नियुक्त किया, जो एक दिन की फीस 11 लाख रुपये लेता था। अगर जिरह हो तो 11 लाख और तारीख पड़े तो साढ़े पांच लाख।
आपने अंसारी का मुद्दा छेड़ा, हम लॉरेंस का छेड़ें: बाजवा
मुख्तार अंसारी को लेकर सदन में जब मंत्री हरजोत बैंस पिछली सरकार पर आरोप लगा रहे थे, तब नेता प्रतिपक्ष प्रताप बाजवा ने कहा- यह बजट पर बहस है और आप दूसरे मुद्दे उठा रहे हैं। अगर आप मुख्तार अंसारी का मुद्दा उठा रहे हैं तो हम लॉरेंस बिश्नोई का मुद्दा छेड़ें। लॉरेंस जिस तिहाड़ जेल में बंद है, वह दिल्ली सरकार के अधीन है। दिल्ली में आम आदमी पार्टी की ही सरकार है। इस पर आप विधायकों ने कहा कि हम ही उसे पंजाब लेकर आए हैं।