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यहां वाहन खरीदना अब आपको पड़ सकता है महंगा

Tue, 02 Jun 2015 12:15 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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हरियाणा सरकार ने प्रदेश में वाहनों का रजिस्ट्रेशन महंगा कर दिया है। लिहाजा गाड़ी खरीदने वालों को अब अपनी जेब ढीली करनी होगी।
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सरकार का तर्क है कि इसके तहत कुछ स्लैब खत्म किए गए हैं। ऐसे में कर संरचना के नए फार्मूले के अनुसार विभाग को रोड टैक्स के रूप में अतिरिक्त 120 करोड़ रुपये वार्षिक राजस्व प्राप्त होने का अनुमान है। विशेष उद्देश्यों के वाहनों से राज्य सरकार के खजाने में अधिक राजस्व प्राप्त होगा।

कर संरचना में कामकाजी परिवारों, अक्षम व्यक्तियों के हितों का ध्यान रखा गया है। महंगे वाहनों की तुलना में कम लागत वाले वहनीय वाहनों को प्राथमिकता दी गई और इनकी कर दरें कम रखी र्गइं।
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सरकार के इस फैसले के साथ पहले छह लाख तक की गाड़ी खरीदने पर तीन प्रतिशत कर था, जो अब पांच प्रतिशत हो गया है। वहीं छह से 20 लाख तक के वाहन पर छह प्रतिशत कर था, जो कि 8 प्रतिशत हो गया है। जबकि 20 लाख से ऊपर तक के वाहन पर आठ प्रतिशत कर था, जो अब 10 प्रतिशत हो गया है।

सरकार के मुताबिक व्यक्तिगत उद्देश्यों के लिए 75,000 रुपये तक की लागत के दोपहिया वाहनों के लिए करों की दर चार प्रतिशत जबकि 75,000 से दो लाख तक के मामले में छह प्रतिशत तथा दो लाख से अधिक के चार पहिया वाहनों के मामले में आठ प्रतिशत की दर से निर्धारित होगी।

इसी प्रकार, दो पहिया वाहनों पर छह लाख रुपये तक की लागत के अन्य वाहनों पर कर की दरों की गणना वाहन मूल्य के पांच प्रतिशत की दर से की जाएगी। जबकि छह लाख रुपये से ऊपर व 20 लाख रुपये तक के वाहनों के लिए आठ प्रतिशत और 20 लाख रुपये से अधिक के मामले में करों की दर दस प्रतिशत की दर से निर्धारित की जाएगी।

विशेष उद्देश्यों वाले वाहनों जैसे कि मिट्टी खुदाई वाले वाहन, लोडर, मोटर ग्रेडर, मोबाइल क्त्रस्ेन, डोज़र, फोर्क लिफ्टर, कंकरीट मिक्स्चर, ब्रेक डाऊन रिकवरी वाहन, पेड कटाई मशीन, मोबाइल वर्कशाप, मोबाइल केन्टीन, अग्निशमन वाहन, मोबाइल क्लीनिक, एक्सरे वैन, लाइब्रेरी वैन, एम्बुलेंस, पशु एम्बुलेंस जैसे वाहनों के लिए कर की दर वाहन मूल्य के एक प्रतिशत के अनुरूप निर्धारित होगी।
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केंद्र सरकार व राज्य के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, बोर्डों एवं निगमों या रेडक्त्रसस सोसाइटी या किसी अन्य पंजीकृत धर्मार्थ ट्रस्ट द्वारा संचालित एम्बुलेंस, अग्निशमन वाहन, लाइब्रेरी के आयकर अधिनियम के तहत पंजीकृत वाहनों के लिए कर की दर नाममात्र या शून्य हो। व्यक्तिगत उद्देश्यों के लिए कैंपर वैन या कारवां वाहन, जो एक या दो श्रेणी में कवर नहीं हुए हैं की दरें 12 प्रतिशत की दर से निर्धारित होंगी।
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