कृष्ण लाल पंवार ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि ओवरलोडिंग से जुड़े मामलों के प्रति सरकार बेहद संजीदा है। इससे न केवल दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है, बल्कि सड़कों की भी क्षति होती है। 39 स्थान चिन्हित किए गए हैं, जहां ओवरलोडिंग वाहनों की जांच तेज करेंगे।
टीमें बनाई जाएंगी और हर टीम को बीस मजदूर मिलेंगे। वे ओवरलोड वाहनों से सामग्री सड़क किनारे मौजूद सरकारी जमीन पर उतारेंगे। जो सामान खराब होने वाला होगा उसे भंडारण निगम के गोदामों में रखा जाएगा। दो महीने में इसके परिणाम सामने होंगे।
बिजली निगम सड़कों के बीच से हटाएं खंभे
पंवार ने बिजली निगमों और वन विभाग के अधिकारियों को सख्त हिदायत जारी की है। उन्होंने कहा कि हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड और लोक निर्माण (भवन एवं सड़कें)विभाग की सड़कों के मामले में अक्सर पैसे जमा करवाने के बावजूद बिजली निगम खंभे शिफ्ट नहीं करते हैं। सड़कों में मौजूद खंभों को तत्काल हटाने के निर्देश दिए गए हैं। वन विभाग को पेड़ों की कटाई करने के लिए कहा है। डीसी, एसपी को हर महीने जिला सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक करनी होगी।
छह माह में टॉप फाइव में आने का लक्ष्य
परिवहन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव टीसी गुप्ता ने बताया कि आगामी छह माह के अंदर सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाकर हरियाणा को देश के पहले पांच राज्यों में शामिल करना है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण समेत विभिन्न संबंधित एजेंसिंयों के अधिकारियों को निर्माण स्थलों पर संकेत बोर्ड, रिफलेक्टर टेप इत्यादि लगाकर सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
31 जुलाई तक ऐसा कोई भी प्वाइंट बचना नहीं चाहिए जो नॉन रेक्टिफाइड हो। उन्होंने कहा कि जल्दी अलग-अलग विभागों की बैठक बुलाई जाएगी, जिसके लिए वे एजेंडा बिंदुओं पर अपनी एक्शन टेकन रिपोर्ट तैयार रखें।