कंट्रोल रूम बैठा व्यक्ति तुरंत इसकी जानकारी नजदीकी पुलिस स्टेशन को देगा, ताकी फौरन व्यक्ति को राहत मिल सके। इसके अलावा आम लोगों के लिए एक एप भी जारी होगा। इस एप के माध्यम से कोई भी व्यक्ति बस की लोकेशन को देख सकता है कि वह इस समय कहां पर पहुंची है।
सिस्टम से बड़े ट्रांसपोर्ट घरानों में मची खलबली
ट्रांसपोर्ट विभाग की तरफ लगाए जा रहे वीटीएस को लेकर बड़े ट्रांसपोर्ट घरानों में खलबली मच गई है। क्योंकि बसों के टाइम टेबल को लेकर हमेशा निजी चालक मनमर्जी करते आ रहे है। इससे सरकार के खजाने के हमेशा चपत लगती आ रही है। वीटीएस लागू होने के बाद कोई भी निजी बस चालक समय से पहले वाहन चला नहीं सकेगा। यहां तक बस की स्पीड को भी ऑनलाइन चेक किया जा सकेगा। वही बसों में कैमरा लगे होने पर संख्या से अधिक सवारी बैठाने का खुलासा भी होगा।
वीटीएस और पैनिक बटन सिस्टम लगाने के लिए ट्रांसपोर्ट विभाग ने कंपनी को ठेका दे दिया है। सबसे पहले जालंधर डिपो की बसों में इस सिस्टम को लगाने का काम चल रहा है। अप्रैल के अंतर तक सभी सरकारी, प्राइवेट और स्कूल बसों में इस सिस्टम को लगा दिया जाएगा। इसका कंट्रोल रूम चंडीगढ़ में बनाया गया है। यहां से हर बस पर अधिकारी नजर रख सकते है। - रविंदर सिंह गिल, सहायक ट्रांसपोर्ट कमिश्नर