करीब दो साल के लंबे इंतजार के बाद अब चंडीगढ़वासी डीलर प्वाइंट पर ही नए वाहनों के रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे। प्रशासन के बहुप्रतीक्षित प्रोजेक्ट का मंगलवार को यूटी गेस्ट में पंजाब के गवर्नर और यूटी प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने उद्घाटन किया। इस मौके पर आरएलए ऑफिसर विराट सिंह ने शहर में पहले की पंजीकरण और वर्तमान प्रक्रिया में बदलाव पर विस्तार से जानकारी दी। विराट ने कहा कि नई व्यवस्था शुरू होने से लोगों के जीवन स्तर में इसका बड़ा प्रभाव दिखेगा।
कार्यक्रम में प्रशासक ने एक बाइक का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर इस प्रोजेक्ट की शुरुआत की। उन्होंने आरएलए से वीआईपी नंबरों के ऑक्शन को लेकर बात की। प्रशासक ने जानना चाहा कि यदि कोई नया वाहन ले रहा है और वह वीआईपी नंबर लेना चाहता है तो उसे तत्काल कैसे नंबर दिया जाएगा क्योंकि यहां तो वीआईपी नंबर ऑक्शन से मिलता है। इस पर आरएलए की ओर से कहा गया कि जल्द ही इसका कोई विकल्प निकाल लिया जाएगा।
इस मौके पर प्रिंसिपल होम सेक्रेटरी अरुण कुमार गुप्ता, फाइनेंस सेक्रेट्री अजॉय कुमार सिन्हा, ट्रांसपोर्ट सेक्रेटरी अजय कुमार सिंगला, डीसी मनदीप सिंह बराड़, निगम कमिश्नर केके यादव, विशेष सचिव फाइनेंस हरीश नैयर समेत प्रशासन के कई आलाधिकारी मौजूद रहे।
पुराने वाहनों के रजिस्ट्रेशन अभी करेगा आरएलए
आरएलए के आंकड़ों पर विश्वास करें तो यहां अब तक प्रतिदिन 225 से अधिक नए और पुराने वाहनों का रजिस्ट्रेशन होता है। डीलर प्वाइंट पर रजिस्ट्रेशन शुरू होने से अब लोगों को यहां आने की जरूरत नहीं होगी। आरएलए में रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी तरह से बंद हो जाएगी। वहीं सेक्टर 42 और इंडस्ट्रियल एरिया के आरएलए के कार्यालयों में पुराने वाहनों के रजिस्ट्रेशन होंगे। जानकारी के मुताबिक शहर में प्रतिदिन 175 नए वाहनों की खरीदारी हो रही है।
भागदौड़ करने से मिलेगी राहत
यूटी प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने नए साल में शहरवासियों को डीलर प्वाइंट पर ही रजिस्ट्रेशन की सुविधा देने की बात कही थी। अब नई व्यवस्था के तहत शहरवासियों को रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी) और हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाने के लिए आरएलए ऑफिस की दौड़भाग नहीं करनी पड़ेगी।
अब ये सुविधाएं मिलेंगी
- अब डीलर प्वाइंट पर रोड टैक्स और आवश्यक दस्तावेज जमा करने के बाद ग्राहक को एक नियमित नंबर मिलेगा।
- अब पंजीकरण के लिए फाइल डीलर द्वारा तैयार की जाएगी और आरएलए कार्यालय को प्रस्तुत की जाएगी, जिससे आम जनता को सुविधा होगी।
- आरएलए कार्यालय द्वारा कोई भौतिक निरीक्षण नहीं किया गया जाएगा और उपभोक्ता को मोटर वाहन निरीक्षक के माध्यम से वाहन पास करने के लिए सेक्टर 42 में जाना होगा। अब पासिंग डीलर द्वारा ही की जाएगी।
- उपभोक्ता को फाइल जमा करने के लिए ऑनलाइन अप्वाइंटमेंट नहीं लेनी होगी और यह भी नहीं कि उसे कतार में खड़ा होना होगा, क्योंकि अब डीलर फाइल जमा करेगा।
- उपभोक्ता को अपूर्ण दस्तावेज या किसी अन्य आपत्ति के लिए आरएलए कार्यालय नहीं जाना होगा, क्योंकि डीलर पूर्ण जानकारी सुनिश्चित करेगा।
- फैंसी नंबर के मामले में, अब उपभोक्ता वाहन की खरीद से पहले भी फैंसी नंबर की नीलामी में भाग ले सकता है।
- अब आवेदक नए वाहन की खरीद से पहले पसंद का नंबर ऑनलाइन बुक कर सकता है।
- अगर डीलर सात दिन में आरसी जारी नहीं करते हैं तो उपभोक्ता आरएलए प्रशासन को शिकायत कर सकता है।