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प्रशासन कर रहा कार्रवाई की बात लेकिन दोगुने दाम में बिक रही सब्जी, अदरक 200, गोभी 40 रुपये पहुंची

Fri, 27 Mar 2020 09:36 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला ( पंजाब)
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : vegetable
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कर्फ्यू के इस समय में प्रशासन दावे कर रहा है कि सख्त ताकीद की गई है कि कोई भी दुकानदार या सब्जी विक्रेता किसी भी ग्राहक के साथ कालाबाजारी नहीं करेगा लेकिन इन दावों की सच्चाई यह है कि लोगों को दोगुने रेटों में सब्जियां, राशन व आटा मिल रहा है। जिससे लोगों की जेबों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। लेकिन मजबूरीवश लोग यह सामान खरीदने को मजबूर हैं।

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कर्फ्यू से पहले तक जहां आलू 20 रुपये, प्याज 35 रुपये, गोभी 20 रुपये, गाजर 20 रुपये, अदरक 120 रुपये, लहसुन 120 रुपये, भिंडी 50 रुपये, मटर 50 रुपये किलो तक मिल रहा था, वहीं अब आलू का रेच 50 रुपये, प्याज 60 रुपये, गोभी 40 रुपये, गाजर 40 रुपये, अदरक 200, लहसुन 200, भिंडी 120, मटर 100 रुपये प्रति किलो तक बिकने लगा है।

यही नहीं दुकानदारों की ओर से राशन भी महंगे दामों पर बेचा जा रहा है। पांच किलो आटा 350 रुपये तक मिल रहा है। इससे लोग काफी रोष में है। लोगों का कहना है कि भले ही सरकार कर्फ्यू लगाकर उन्हें कोरोना वायरस से बचा रही है, लेकिन उनकी जेबें ढीली हो रही हैं।
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गृहिणी राधा ने कहा कि जैसे ही लॉकडाउन या कर्फ्यू खत्म होगा, बच्चों की नई क्लासों की एडमिशन करानी है, ऐसे में अगर ऐसे ही राशन व सब्जियों पर ज्यादा खर्च होता रहा, तो पैसे कहां बचेंगे। एडमिशन कहां से कराएंगे। सतनाम सिंह का कहना है कि अगर हम हेल्पलाइन नंबर पर इसकी कंपलेंट करने को फोन करते हैं, तो या तो कोई उठाता नहीं, अगर उठाते हैं, तो गलत नंबर कहकर काट दिया जाता है। ऐसे में हम आम लोग कहां जाएं। उधर, डीसी लगातार कह रहे हैं कि कालाबाजारी किसी भी कीमत पर होने नहीं दी जाएगी। अगर कोई दुकानदार ज्यादा रेटों पर चीजें बेचेगा, तो कार्रवाई होगी।

लुधियाना: प्रशासन ने बांटे कर्फ्यू पास, पुलिस ने बंद करवाई दुकानें

प्रशासन ने बुधवार को शहर की 647 दुकानों को जरूरी सामान सप्लाई करने के लिए लाइसेंस जारी किए थे लेकिन अब तक इसका कोई असर देखने को नहीं मिल रहा है। मामले में प्रशासनिक अधिकारियों के आपसी तालमेल की कमी साफ नजर आने लगी है। जहां प्रशासन दुकानों को लाइसेंस जारी कर रहा है वहीं दूसरी तरफ पुलिस उन्हें दुकानें खोलने नहीं दे रही है। प्रशासनिक अधिकारियों के इस रवैए का खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है। 

दुकानें खुलते ही चला पुलिस का डंडा
केसरगंज रोड मार्केट प्रधान हरिकेश मित्तल ने बताया कि उनकी होलसेल करियाना की दुकान है। प्रशासन ने आम लोगों को सामान देने के लिए उन्हें लाइसेंस जारी कर दिया। वीरवार सुबह जैसे ही छह बजे दुकान खोली गई पुलिस मौके पर पहुंच गई। डंडे का रौब दिखाकर दुकानों को बंद करवा दिया गया। जब उन्होंने प्रशासन की तरफ से जारी लाइसेंस को दिखाया तो साफ कहा कि यह कैंसल हो चुके हैं।
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अधिकारी भी परेशान

पंजाब केमिस्ट एसोसिएशन महासचिव जीएस चावला ने बताया कि जिला प्रशासन ने शहर की लगभग 2500 दवा की दुकानों को खोलने के निर्देश दिए हैं। सभी मोबाइल नंबर की लिस्ट लोगों को भेज दी गई है ताकी लोग जरूरत के अनुसार घर बैठे दवाएं मंगवा सकें। बैठक में अधिकारी कहते हैं कि दवा वालों को रास्ते में कोई नहीं रोकेगा। जब बाहर निकलते हैं तो पुलिस मुलाजिम साफ कहते हैं कि पास दिखाओ नहीं तो घर जाओ। गुरुवार को वह खुद 11 बजे किसी को दवा देने के लिए निकले थे पुलिस ने उनके साथ ठीक व्यवहार नहीं किया। 

मुक्तसर में कर्फ्यू में मिली कुछ राहत, आई चैन की सांस 
जिले में कर्फ्यू में लोगों को कुछ राहत मिली तो चैन की सांस आई। वीरवार सुबह नौ से 12 बजे तक मेडिकल शॉप खुलने और सब्जी रेहड़ी वालों के घरों में आने से लोगों को कुछ चैन आया। मुक्तसर में कुछ देर के लिए मेडिकल शॉप खुले तो दवा लेने के लिए लोगों की कतारें लगी नजर आईं। कई दुकानों में तो लोग कतारों में दूरी बनाकर खड़े नजर आ रहे थे तो कहीं लापरवाही बरतते हुए एक दम सटे हुए भीड़ जुटाए खड़े थे।

उधर, कई दिनों बाद जलालाबाद रोड फाटक पार क्षेत्र में गली-मोहल्लों में सब्जी वाले रेहड़ी लेकर पहुंचे तो लोग घरों से बाहर दौड़ पड़े। शहर में विभिन्न क्षेत्रों में करियाना की कुछ चुनिंदा दुकानें खोलने की मंजूरी भी प्रशासन ने दे दी है। ग्राहकों को दुकानों पर सामान लेने जाने के निर्देश नहीं हैं। साथ ही किसी दुकानदार को दुकान पर भीड़ न करने की हिदायत है। करियाना दुकानदारों को शाम चार से छह बजे तक होम डिलीवरी के निर्देश दिए गए हैं। 
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