पंजाब यूनिवर्सिटी के इतिहास में पहली बार रविवार को किसी एक मुद्दे पर खास मीटिंग बुलाई गई है। इस दैरान पीयू कुलपति के खिलाफ यौन उत्पीड़न मामले पर विस्तार से चर्चा होगी। करीब दो साल से यह मामला पीयू की सुर्खियां बना हुआ है।
पीयू की एक वरिष्ठ महिला प्रोफेसर की ओर से कुलपति प्रो.अरुण कुमार ग्रोवर पर यौन उत्पीड़न का मामला लगातार गहराता जा रहा है। मामले में यूजीसी और एमएचआरडी के दखल से वीसी की दिक्कतें बढ़ सकती हैं। करीब दो साल पहले महिला प्रोफेसर ने कुलपति पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। मामला एमएचआरडी, यूजीसी और पीयू चांसलर के दफ्तर तक पहुंच चुका है।
मामले में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं होने और सीनेट में कुलपति की ओर से ही मामले की सुनवाई के लिए कमेटी गठित करने के आरोप लगते रहे हैं। जानकारी के अनुसार ताजा अपडेट के तहत एमएचआरडी ने यौन उत्पीड़न मामले को लेकर काफी गंभीरता दिखाई है। इस मामले में एमएचआरडी ने पीयू प्रशासन को पूरे मामले की नई कमेटी गठित कर नई सिरे से निष्पक्ष जांच के निर्देश जारी किए हैं।