अजनाला पुलिस थाना पर हमले के बाद वारिस पंजाब दे संगठन के मुखी अमृतपाल सिंह ने शिकायतकर्ता वरिंदर सिंह को पागल कहा। अमृतपाल ने कहा कि पीजीआई से वरिंदर का इजाल चल रहा है। पुलिस ने एक पागल के बयान पर हमारे खिलाफ झूठा मामला दर्ज किया है। इस बयान के बाद वरिंदर सिंह ने एक वीडियो जारी कर अमृतपाल को कड़ा जवाब दिया है। वायरल वीडियो में वरिंदर सिंह ने अमृतपाल से पूछा है कि उसे किस डॉक्टर से पागल होने का पता चला है। कोई सबूत है तो उसे पेश करें।
वरिंदर ने कहा कि अगर वह पागल है तो उसकी बातों को क्यों गंभीरता से लिया। वह अगर पागल था तो क्यों उसे श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेकने के दौरान धोखे से अगवा किया और मारपीट की। अमृतपाल सिंह ने उसे मां-बहन की गाली दी थी। अगर मैं पागल हूं तो भी कोई कानून मारपीट करने और किसी के ककारों की बेअदबी करने की इजाजत नहीं देता। अगर अमृतपाल को वाहेगुरु व महाराज पर भरोसा है तो जो कानूनी कार्रवाई चल रही है, उसे चलते देना चाहिए था।
वरिंदर सिंह ने अमृतपाल सिंह को कहा कि अगर व सच्चा है तो गुरुघर में आकर श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की हाजिरी में सब बातें करे। वरिंदर ने कहा कि अमृतपाल व उसके साथियों ने दमदमी टकसाल के लिए जो गलत प्रचार किया है, यह उसी का परिणाम है। उसे वाहेगुरु पर भरोसा है। वाहेगुरु जरूर उसे इंसाफ देंगे।
यह है पूरा मामला
17 फरवरी को अमृतपाल सिंह, उसके छह साथियों और 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ थाना अजनाला में पुलिस ने वरिंदर सिंह की शिकायत पर मामला दर्ज किया था। वरिंदर सिंह ने आरोप लगाया था कि अमृतपाल और उसके साथियों ने उसका अपहरण किया, मारपीट की और उसके ककारों की बेअदबी की। उसकी धनराशि भी लूटी। इस मामले में पुलिस ने अमृतपाल के साथियों को पकड़ने की कोशिश शुरू कर दी थी।
गुरुवार को अमृतपाल ने पंजाब भर के अपने समर्थकों को थाना अजनाला पहुंचने का आह्वान किया था। जब पुलिस ने अमृतपाल के समर्थकों को थाने की तरफ बढ़ने से रोका तो लाठियों, गंडासों, तलवारों, राइफलों व भालों से लैस होकर आए लोगों ने बैरिकेड तोड़ डाले। वह पुलिस कर्मचारियों के साथ हिंसक झड़प करते हुए थाना परिसर में जा घुसे। इसी दौरान अमृतपाल के गांव जल्लू खेड़ा से श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के स्वरूप वाली गाड़ी थाने पहुंच गई। हिंसक झड़प में छह पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।