डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की 25 अगस्त को होने वाली पेशी से पहले शहर के तमाम स्थलों में उनके समर्थकों का हुजूम जुटने लगा है। सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता के बावजूद कहीं छिटपुट तो कुछ जगहों पर बसों में भरकर समर्थकों की भीड़ शहर में दाखिल हो रही है। जिन्हें मौके मिला अपने जानकारों को ठहरने के लिए मुफीद जगह के तौर पर चुन रहे हैं।
सूत्रों की मानें तो रोजाना हजारों की संख्या में समर्थक पहुंच रहे हैं। फैसला आने वाले दिन से पहले शहर में 70 हजार से अधिक डेरा समर्थक पहुंच सकते हैं। हालांकि पुलिस की पूरी कोशिश है कि ढाई साल पहले एक कथित गुरु के पंचकूला पहुंचने पर जो स्थिति बनी वैसी दोबारा न बने।
पंचकूला की सीबीआई अदालत में फैसले के मद्देनजर पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। बावजूद इसके सामान्य लिबास में लगातार लोगों के पहुंचने का सिलसिला जारी है। एक तरफ जहां पुलिस सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम में जुटी है, वहीं दूसरी तरफ समर्थकों के ठहरने और खानपान की भी व्यवस्था पहले की जा चुकी है।
शाम के वक्त बढ़ने लगी समर्थकों की संख्या
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शाम के वक्त बढ़ने लगी समर्थकों की संख्या
पंचकूला के सेक्टर-23 के नाम चर्चा घर के आसपास भी डेरा समर्थकों के पहुंचने का सिलसिला चलता रहा। इस दौरान सेक्टर-तीन स्थित स्टेडियम के बाहर भी समर्थकों का जत्था पहुंचा जो वहीं ग्रीन बेल्ट में बैठे थे। समर्थकों के पहुंचने से पहले कुछ जगहों पर ग्राउंड की साफ सफाई की जा रही थी जबकि समर्थकों के पहुंचने का सिलसिला शाम के वक्त और तेज हो गया। औसतन, अलग-अलग रास्तों से शाम तक करीब ढाई से तीन हजार लोग पहुंच चुके थे। इस संख्या में रात तक इजाफा होने की संभावना है।
शहर की सीमा से बाहर भी भेजा गया कुछ समर्थकों को
बेला विस्टा चौक और आसपास के सेक्टरों में भी वाहनों में पहुंचने वाले लोगों की पुलिस कर्मियों ने जांच की। इस दौरान सुरक्षा में मुस्तैद पुलिस कर्मियों ने कुछ बसों को शहर की सीमा से बाहर भी भेजा भेज दिया गया। शाम के वक्त सेक्टर-5 में भी करीब 100 समर्थक अचानक पहुंचे, जबकि अन्य सेक्टरों और पंजाब से लगते हुए क्षेत्रों में पहुंचने वालों पर पुलिस लगातार नजरें बनाई हुई है।
आशियाना वासियों की नहीं हुई सुनवाई
एमडीसी सेक्टर-4 स्थित आशियाना के पास लोगों के आवागमन का रास्ता बंद कर दिया। नतीजतन, लोग अपने घरों में ही बंद हो गए। इस मामले की शिकायत स्थानीय लोगों ने पुलिस को दी। सुनवाई नहीं होने पर हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण में भी लोग पहुंचे, लेकिन वहां भी सुनवाई नहीं हुई।