फासवेक की बैठक में प्रशासन की ओर से पेट्रोल और खाने पीने की वस्तुओं में बढ़ाए गए वैट के खिलाफ रेजिडेंट्स ने नाराजगी जताई।
साथ ही शहर की रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशनों ने कहा, अगर प्रशासन ने जल्द यह फैसला वापस नहीं लेता है तो विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
फासवेक अध्यक्ष बलजिंदर सिंह बिट्टू ने कहा कि इस संबंध में जल्द ही एक प्रतिनिधि मंडल सलाहकार विजय देव से मिलेगा।
फासवेक के प्रवक्ता हितेश पुरी ने कहा कि प्रशासन ने जीरी और चावल पर अलग-अलग टैक्स लगा कर सिर्फ महंगाई को बढ़ावा दिया है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी मिशन अभी सिर्फ कागजों में ही है।
इसके पहले लोगों पर महंगाई का बोझ डाल दिया गया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा और पंजाब में जिन वस्तुओं पर वैट कम है या फिर वहां पर वैट नहीं है, प्रशासन को भी शहर में उन वस्तुओं से वैट हटाना चाहिए।
बैठक में फासवेक के पूर्व चेयरमैन पीसी सांघी ने कहा कि राइट टू सर्विस एक्ट लागू होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे हर काम की समय सीमा तय होगी।