एक ओर जहां किसान लुधियाना-जालंधर हाईवे को शुक्रवार को जाम करेंगे तो वहीं वाल्मीकि समुदाय ने भी बंद का आह्वान किया है। पुलिस ने भी सुरक्षा बंदोबस्त सख्त कर दिए हैं। अमृतसर के श्री रामतीर्थ से वाल्मीकि समुदाय ने हुक्मनामा जारी कर शुक्रवार को पंजाब बंद का एलान किया है। जिससे पंजाब में हाई अलर्ट कर दिया गया है।
समुदाय ने 12 अगस्त को पंजाब भर में सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक बंद का एलान किया है। समुदाय के पदाधिकारियों ने कहा कि रक्षाबंधन के त्योहार के मद्देनजर 11 अगस्त को बंद नहीं किया गया, बल्कि 12 अगस्त को बंद की कॉल दी गई है। वाल्मीकि समुदाय ने यह बंद की कॉल पंजाब के पूर्व एडवोकेट जनरल अनमोल रतन सिद्धू की टिप्पणी के बाद दी थी। सिद्धू की टिप्पणी के बाद काफी आक्रोश है।
जिक्रयोग है कि लॉ अफसरों की नियुक्ति में रिजर्व कोटे को लेकर सिद्धू ने ऐसी शब्दावली का इस्तेमाल किया जिससे एससी-एसटी समाज की भावनाएं आहत हुईं। पंजाब के मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने बैठक भी की लेकिन कोई सकारात्मक हल नहीं निकला। इसके बाद शुक्रवार को पंजाब बंद की कॉल दी गई है।
सफाई मजदूर यूनियन के प्रधान व वाल्मीकि समाज के अग्रणी नेता चंदन ग्रेवाल का कहना है कि सरकार का रवैया भी नकारात्मक है, जो टिप्पणी सिद्धू ने की है, वह आपत्तिजनक है। इसलिए शुक्रवार को बंद की कॉल दी गई है। किसान संगठनों ने भी रक्षाबंधन तक आंदोलन थोड़ा शांत रखा था।
गन्ने का बकाया न मिलने पर रोष जता रहे किसानों ने कहा कि रक्षा बंधन के बाद आंदोलन को तेज किया जाएगा। किसानों ने कहा कि पहले सिर्फ लुधियाना जालंधर हाईवे ही रोका था। रक्षाबंधन को देखते हुए शुगर मिल के सामने वाली सर्विस लेन खोल दी थी लेकिन रक्षाबंधन के बाद पूरा हाईवे बंद किया जाएगा।