पंजाब में ज्वैलरी की दुकानें खुली
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बैसाखी पर रौनक लौट आई। एक फीसदी सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी को लेकर ज्वेलर्स की 42 दिन पुरानी हड़ताल बुधवार को खत्म हो गई। नतीजतन वैसाखी पर ज्वेलरी की दुकानों में फिर से रौनक लौट आई है। कारोबारियों का दावा है कि केंद्र सरकार ने उनकी आठ मांगों को मान लिया है। बाकी मांगों के लिए 23 अप्रैल तक का वक्त दिया गया है। यदि सरकार ने अन्य मांगें नहीं मानीं तो 24 अप्रैल से आगे की रणनीति बनाकर ज्वेलर फिर से हड़ताल कर सकते हैं।
केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बजट में सोने एवं हीरे के आभूषणों पर एक फीसदी सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी लगाई थी। इसके विरोध में ज्वेलर्स ने दो मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। ज्वेलर्स की सरकार के साथ कई दौर की बातचीत हुई लेकिन वित्त मंत्री ड्यूटी हटाने पर सहमत नहीं हुए। ज्वेलर्स ने अपनी मांगों का एक ज्ञापन दिया इसमें से आठ मांगें मान ली गई हैं। ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड स्वर्णकार संघ के महासचिव मनोज ढांडा ने कहा कि सरकार राहत दे रही है इसलिए हड़ताल स्थगित करने का फैसला लिया गया है।
ज्वेलर्स की मुख्य मांगों में सालाना छह करोड़ की लिमिट को बढ़ाया जाए। पुराने गोल्ड को माफ किया जाए, रिपेयर ड्यूटी के दायरे से बाहर हो। दो लाख से अधिक के आभूषणों की खरीद पर पैन अनिवार्य की सीमा बढ़ाकर पांच लाख की जाए। उन्होंने कहा कि सरकार अधिकतर मांगों पर सहमत है कुछ मांगें बची हैं। उनको लेकर भी बातचीत चल रही है। उम्मीद है कि शीघ्र ही उनका भी हल निकाल लिया जाएगा। तभी कारोबारियों ने अपनी दुकानें खोलने का फैसला लिया है।