हरियाणा विधानसभा चुनाव से पहले राबर्ट वाड्रा लैंड डील का मुद्दा फिर से प्रदेश में राजनीति का केंद्र बन गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टिप्पणी के बाद चुनाव आयोग ने हरियाणा सरकार से इस मामले में जवाब तलब कर लिया है। चकबंदी और राजस्व विभाग के अधिकारी अब जवाब तैयार करने में जुट गए हैं।
उधर, इस मामले का राजनीतिकरण होता देख गुड़गांव के डीसी शेखर विद्यार्थी ने इस प्रकरण से पल्ला झाड़ लिया है। लिहाजा इस मामले में आईएएस अशोक खेमका के आदेश सही हैं या गुड़गांव के डीसी का हस्तक्षेप, इस बारे में चर्चा शुरू होने की बजाए सरकारी अमला अपने बचाव में जुट गया है।
गुड़गांव के डीसी शेखर विद्यार्थी का कहना है कि उनकी इस मामले में कोई भूमिका नहीं है। यह मामला चकबंदी अधिकारी से संबंधित है। उन्होंने कहा कि उनकी ओर से कोई आदेश नहीं दिया गया है। शेखर ने कहा कि उन्होंने मुख्य सचिव को रिपोर्ट भेजकर एक पोस्टमैन की भूमिका अदा की थी। चकबंदी के मामलों में निर्णय लेने के अधिकार उपायुक्त के पास नहीं होते हैं।