चंडीगढ़। सेक्टर-32 के वाटर वर्क्स में को-ऑर्डिनेशन कमेटी के बैनर तले शनिवार को कर्मचारियों का कन्वेंशन हुआ। इसमें सर्वसम्मति से फैसला लिया गया कि कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर 11 अगस्त को यूटी सचिवालय के सामने काले झंडे लेकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। यह भी फैसला लिया गया कि 13 जून से 31 जुलाई तक सभी यूनियनें अपने-अपने विभाग में विरोध प्रदर्शन करेंगी।
कन्वेंशन में यह मुद्दा उठाया गया कि चंडीगढ़ के प्रशासक से बार-बार अनुरोध करने के बावजूद मुलाजिमों को मिलने का समय नहीं मिला। पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित से मांग की गई है कि कर्मचारियों को मिलने का समय दें ताकि उनकी मांगों का हल निकल सके। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि प्रशासन ने कर्मचारियों की कुछ मांगों को माना भी है लेकिन प्रमुख मुद्दों पर कोई फैसला नहीं हो रहा है। कन्वेंशन में को-ऑर्डिनेशन कमेटी के प्रधान सतिंदर सिंह, महासचिव राकेश कुमार, चेयरमैन अनिल कुमार, उपाध्यक्ष रजिंदर कुमार, मुख्य संरक्षक श्याम लाल घावरी, संयोजक गुरचरण सिंह और शीशपाल ने संबोधित किया।
ये हैं मुख्य मांगें : ठेके पर काम कर रहे कर्मचारियों को समान काम समान वेतन दिया जाए, सुरक्षित पॉलिसी बनाई जाए, नौकरी से निकले गए कर्मचारियों को काम पर वापस लिया जाए, डीसी रेट की विसंगतियों को दूर किया जाए, बराबर ग्रेड पे वाली कैटेगरीज को बराबर डीसी रेट दिया जाए, सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पेंशन लाभ जल्द दिएं जाए, 31 दिसंबर 1996 के बाद भर्ती किए गए डेलीवेज वर्करों को 13 मार्च 2015 की पॉलिसी में बदलाव कर नियमित कर सभी लाभ दिए जाएं। डेलीवेज कर्मचारियों को 6 वां वेतन आयोग का लाभ दिया जाए। खाली पदों पर डेलीवेज कर्मचारियों को नियमित किया जाए। सेल्फ फाइनेंस हाउसिंग स्कीम के लाभार्थियों को पुराने रेट पर मकान अलाट किए जाए, चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के कर्मचारियों के लिए पेंशन योजना लागू की जाए। सीटीयू में 417 बसों का फ्लीट पूरा किया जाए, गांवों से नगर निगम में आए सफाई कर्मचारियों को बेसिक प्लस डीए दिया जाए, मृतक कर्मचारियों के आश्रितों को नौकरी दी जाए, प्रोबेशन पीरियड एक साल का किया जाए। इस कन्वेंशन को कई यूनियनों के पदाधिकारियों ने संबोधित किया।