चंडीगढ़। नगर निगम ने मंगलवार को सदन की बैठक बुलाई है, जिसमें अपशिष्ट प्रबंधन के तीन एजेंडों पर चर्चा की जाएगी। इसमें डंपिंग ग्राउंड पर गीले कचरे के लिए साढ़े 10 करोड़ से 200 टीडीपी का अस्थायी प्लांट लगाने और 550 टीडीपी का इंटीग्रेटेड वेस्ट प्लांट का प्रस्ताव अहम है। प्लांट को डड्डूमाजरा में लगाने के फैसले का आम आदमी पार्टी विरोध करेगी। इसलिए माना जा रहा है कि पिछली बार की तरह इस बार भी सदन में काफी हंगामा हो सकता है।सेक्टर-25 में एक एकीकृत अपशिष्ट प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित करने के लिए नगर निगम ने सीएसआईआर-राष्ट्रीय पर्यावरण इंजीनियरिंग अनुसंधान संस्थान (नीरी) को सलाहकार नियुक्त किया है। निगम ने 13 फरवरी 2023 को परियोजना के लिए नीरी को मसौदा डीपीआर जमा की थी जिसके बाद नीरी ने कई सुझाव दिए और उन्हें दूर करने के बाद दो मई को विभिन्न अधिकारियों की हाई पावर तकनीकी समिति ने स्वीकृति दी। जिसे मंजूरी के लिए 13 मई को बैठक में रखा गया लेकिन पार्षदों ने कई आपत्तियां दर्ज कराईं और प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी। इसके बाद निगम ने सभी पार्टियों को अलग-अलग प्रेजेंटेशन दी और प्लांट पर सहमति बनाने की कोशिश की। भाजपा के साथ अब कांग्रेस भी प्लांट के पक्ष में नजर आ रही है, लेकिन आप ने अभी भी विरोध करने का फैसला लिया है। बैठक में एक साल के लिए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट (एसडब्ल्यूएम) सेल की स्थापना का भी प्रस्ताव आएगा।
लंबी लड़ाई के बाद निगम ने जून 2020 में कब्जे में लिया था प्लांट
सेक्टर-25 स्थित मौजूदा प्रसंस्करण संयंत्र की स्थापना 2008 में जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड की ओर से 30 वर्षों के लिए बिल्ड, ओन, ऑपरेट एंड ट्रांसफर के आधार पर की गई थी। कंपनी पूरे कचरे को प्रोसेस करने में विफल रही, जिसके कारण डड्डूमाजरा के डंपिंग ग्राउंड पर कचरे का पहाड़ बन गया। कानूनी लड़ाई और काफी खींचतान के बाद निगम ने जून 2020 में प्लांट को अपने कब्जे में ले लिया था। इसके बाद निगम ने आईआईटी-रुड़की से प्लांट की जांच कराई। आईआईटी-रुड़की ने देखा कि सेक्टर-25 प्लांट की सभी मशीनें पहले ही अपना जीवन काल पूरा कर चुकी हैं। उन्होंने सूखे और गीले कचरे के प्रबंधन के लिए आधुनिक 500 टन प्रति दिन (टीपीडी) संयंत्र स्थापित करने की सिफारिश की थी। इसलिए ही 550 टीडीपी का नया प्लांट लगाने का प्रस्ताव लाया गया है, जो अपने 15 साल के लिए होगा।
इन कार्यों की मंजूरी के सदन में लाया जाएगा एजेंडा
1. डिजाइन, निर्माण, वित्त, स्वामित्व, संचालन और हस्तांतरण मॉडल के तहत 17 वर्षों की अवधि (2 वर्ष की निर्माण अवधि और 15 वर्ष की संचालन अवधि) के लिए 550 टन प्रति दिन (टीपीडी) की क्षमता वाले एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्र की स्थापना के लिए परियोजना को मंजूरी
2. डड्डूमाजरा के डंपिंग साइट पर संयंत्र स्थापित करने के लिए 15 एकड़ भूमि की स्वीकृति।
3. एक रुपये प्रति एकड़ प्रति वर्ष की दर से जमीन लीज पर देने की अनुमति
4. आरएफपी को मंजूरी और आरएफपी जारी करने की अनुमति
5. पर्यावरण क्लीयरेंस का कार्य करने का कार्य नीरी को सौंपे जाने की स्वीकृति
पार्टियों पर करेगा निर्भर
हम सभी शहर की बेहतरी के लिए कार्य कर रहे हैं। इसलिए ही ये प्रस्ताव लाए गए हैं। अब यह पार्टियों पर निर्भर करेगा कि वो क्या चाहती हैं। - अनूप गुप्ता, मेयर
डड्डूमाजरा में प्लांट नहीं लगने देंगे
कूड़े का नया प्लांट शहर के किसी भी कोने में लगे लेकिन हम डड्डूमाजरा में नहीं लगने देंगे, क्योंकि वहां के लोगों की जिंदगी कूड़े के पहाड़ ने पहले ही नर्क बना दी है। लोगों को गले और सांस की बीमारियां लगी हुई हैं। हम अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटेंगे। - दमनप्रीत सिंह, नेता प्रतिपक्ष, आम आदमी पार्टी
गहन चर्चा के बाद ही लिया जाएगा फैसला
कांग्रेस ने पूरे मामले का अध्ययन किया है। डंपिंग ग्राउंड में जो अतिरिक्त कूड़ा गिर रहा है, उसे प्रोसेस करना बहुत जरूरी है। इसलिए दो साल के लिए टेंपरेरी प्लांट की जरूरत शहर को है। 520 टीडीपी का जो बड़ा प्लांट लगना है, उसके लिए समय है। हालांकि गहन चर्चा के बाद ही फैसला लिया जाएगा। - गुरप्रीत सिंह गाबी, पार्षद, कांग्रेस