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यूटी सचिवालय में 'शेर की मौसी' का आतंक, कर्मचारियों ने कुर्सी छोड़ी

Tue, 25 Oct 2016 09:51 PM IST
अमर उजाला, चंडीगढ़(सुमित सिंह श्योराण)
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यूटी सचिवालय में 'शेर की मौसी' का आतंक - फोटो : अमर उजाला
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चंडीगढ़ सेक्टर-9 स्थित चंडीगढ़ सचिवालय में पिछले कई दिनों से एक बिल्ली ने कई कर्मचारियों और अधिकारियों की कुर्सी हिला रखी है। बिल्ली का आतंक ऐसा है कि कर्मचारी अपनी कुर्सी पर बैठ नहीं पा रहे। यूटी सचिवालय के अकाउंट ऑफिस में दस दिन से एक बिल्ली कर्मचारियों के कमरे में कब्जा किए हुए है।
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बिल्ली ने करीब महीना पहले यूटी सचिवालय बिल्डिंग में 4-5 बच्चों को जन्म दिया। कुछ दिन पहले ही बिल्ली अपने बच्चों को उठाकर एकाउंट ब्रांच में शिफ्ट हो गई और फिलहाल यहीं पर स्थाई ठिकाना बना लिया।

बिल्ली हाउस रेंट और अन्य बिल बनाने वाले कर्मचारियों के मेज और कुर्सियों के बीच आराम से रह रही है। बिल्ली के छोटे-छोटे बच्चे दिनभर अठखेलियां करते हुई इधर-उधर घूमते रहते हैं। कर्मचारियों की लगातार कोशिशों के बावजूद बिल्ली अपनी जगह से हटने का नाम नहीं ले रही।
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अलमारियों में रिकार्ड और बाहर बिल्ली का डेरा, विभाग भी नहीं सुन रहा

यूटी सचिवालय में 'शेर की मौसी' का आतंक - फोटो : अमर उजाला
अलमारियों में रिकार्ड और बाहर बिल्ली का डेरा
कर्मचारियों ने कई बार बिल्ली को कमरे से निकालने की कोशिश की लेकिन बिल्ली तुरंत हमला बोल देती है। दफ्तर में कार्यरत दो महिलाएं तो बिल्ली के हमले में बाल-बाल बची हैं। बिल्ली के ठिकाने के आसपास काम करने वाले कर्मचारी अपने मेज पर रखे सामान को भी नहीं निकाल पा रहे। बिल्ली के आतंक में कई कर्मचारियों की फाइलों का काम लटक गया है। बिल्ली के ठिकाने के पास रखी अलमारियों में रिकार्ड रखा है, लेकिन उसे खोलने की हिम्मत कोई नहीं कर पा रहा।

विभाग भी नहीं सुन रहा
एक महिला कर्मचारी ने बताया कि बिल्ली ने कुछ चूहों को भी अपना शिकार बना दिया, जिससे पूरे दफ्तर में लगातार बदबू फैल रही है। इससे तो फ्लू होने का खतरा बढ़ गया है। हमले के डर से सफाई कर्मचारी भी कमरे में नहीं जाते। परमिंदर, राजपाल, हरसिमरन, राजेंद्र कुमारी का कहना है कि बिल्ली की दहशत से कोई भी कर्मचारी अपनी सीट पर नहीं बैठ रहा। कर्मचारियों का काम भी काफी काफी प्रभावित हो रहा है। कर्मचारियों ने बताया कि कई बार हेल्थ और वन विभाग को बिल्ली को हटाने के लिए फोन किया गया, लेकिन सभी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं।
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