चंडीगढ़। तीन नए कानूनों के हिसाब से यूटी पुलिस ने सार्वजनिक स्थान पर शराब के नशे में हुड़दंग मचाने वाले को 17 और झपटमारी के दो दोषियों को 18 दिन में कोर्ट से सजा दिलवाकर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। सेक्टर-17 थाने में 13 नवंबर 2024 को दर्ज झपटमारी के मामले में आरोपी मोहित और अजय को गिरफ्तार किया। इनके खिलाफ कोर्ट में ई साक्ष्य एप के माध्यम से डिजिटल साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। महज आठ दिन में ही चार्जशीट कोर्ट में फाइल कर दी गई।
पुलिस ने एक दिन में 11 गवाहों के बयान दर्ज करवाए और 1 दिसंबर 2024 को दोनों दोषियों को महज 18 दिनों में कोर्ट से एक साल की सजा करवाई गई। कोर्ट ने दोषियों को जुर्माने की सजा भी सुनाई। वहीं, 17 सितंबर 2024 को आईटी पार्क थाने में प्रकाश नाम के आरोपी के खिलाफ सार्वजनिक स्थान पर शराब के नशे में हुड़दंग मचाने पर पंजाब एक्साइज एक्ट के तहत केस दर्ज किया। पुलिस ने कागजी कार्रवाई पूरी कर दोषी को कोर्ट से महज 17 दिन में छह महीने की सजा और आर्थिक जुर्माने की सजा करवाई।
तीसरे मामले में एक सितंबर 2024 को सेक्टर-31 थाने में दर्ज वाहन चोरी के मामले में आरोपी सौरव को महज 56 दिनों में कोर्ट से सजा दिलवाने का काम किया है। वहीं, चौथे मामले में सेक्टर-17 थाने में एक सितंबर 2024 को ही दर्ज चोरी के एक अन्य मामले में पुलिस ने आरोपी दीपक को गिरफ्तार किया। पुलिस ने 60 दिनों में चार्जशीट कोर्ट दाखिल की और गवाही सहित सभी साक्ष्य कोर्ट के समक्ष पेश कर महज 92 दिनों में कोर्ट से 2 दिसंबर 2024 को 2 साल की कैद व 3 हजार रुपये जुर्माने की सजा दिलवाई। इसके अलावा वाहन के एक अन्य मामले में दोषी को 41 दिन जबकि हुड़दंग मचाने के एक अन्य दोषी को 20 दिनों में सजा दिलवाई गई।
इन मामलों को डेढ़ साल में निपटाया
पुलिस ने औद्योगिक क्षेत्र थाने में दर्ज वाहन चोरी के मामले में आरोपी करण उर्फ पंकज को गिरफ्तार किया। पुलिस ने इस मामले में दो महीने से भी कम समय में कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर महज 151 दिनों में पंकज को कोर्ट से सजा दिलवाई। सेक्टर-17 थाने में 19 सितंबर 2024 को एक नर्स के साथ रैंगिंग के नाम पर छेड़खानी के दर्ज मामले में आरोपी रजत शर्मा को गिरफ्तार किया गया। उसे 24 फरवरी 2025 को 162 दिनों में सजा दिलवाई गई। इसी तरह से सेक्टर-17 थाने में दर्ज झपटमारी के मामले में दोषी को 166 दिन और सेक्टर-19 थाने में दर्ज मामले में दोषी को 164 दिनों में सजा दिलवाने का काम किया गया।