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रिश्वत मामले में फंसी पूर्व एसएचओ जसविंदर को संस्पेंड कर पुलिस मौन, सीबीआई भी खाली हाथ

Thu, 16 Jul 2020 12:30 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला, चंडीगढ़
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सांकेतिक तस्वीर
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पांच लाख रुपये रिश्वत के मामले में फंसी मनीमाजरा थाने की पूर्व एसएचओ जसविंदर कौर को सीबीआई के हाथों गिरफ्तार करवाने के बजाय यूटी पुलिस शांत बैठी है।
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सूत्रों की मानें तो यूटी पुलिस ने जसविंदर कौर पर सही ढंग से कार्रवाई करने की बजाय पूरे केस से पल्ला झाड़ लिया है। इसी वजह से 15 दिनों से फरार जसविंदर कौर अब तक सीबीआई की पकड़ से दूर हैं। वहीं, यूटी पुलिस के उच्चाधिकारियों ने भी चुप्पी साध ली है। जसविंदर कौर की जिला अदालत से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद अब वह पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट जाने की तैयारी में हैं।

सीबीआई जसविंदर कौर की गिरफ्तारी के लिए अलर्ट हो गई है। सीबीआई ने यूटी एसएसपी को पत्र भेजकर जसविंदर कौर को जांच ज्वाइन करने के लिए रिमांडर भेजा था। इसके बावजूद जसविंदर कौर अब तक सेक्टर-30 स्थित सीबीआई दफ्तर नहीं पहुंची और न ही लाइनहाजिर होने के बाद ड्यूटी ज्वाइन किया। इसके चलते उच्चाधिकारियों ने जसविंदर कौर को सस्पेंड कर दिया था।
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वहीं, दूसरी ओर जसविंदर कौर के बेटे ने कुछ समय पहले अपनी मां का पक्ष रखते हुए चंडीगढ़ सीबीआई को एक शिकायत भी दी थी। शिकायत में कहा गया था कि मां जसविंदर कौर को झूठा फंसाया गया है। हैरानी की बात है 15 दिनों से ज्यादा का समय बीतने के बावजूद जसविंदर कौर ने अब तक न ही सीबीआई की जांच ज्वाइन की और न ही गिरफ्तारी हो सकी है।

गौरतलब है कि सीबीआई को दी शिकायत में मनीमाजारा निवासी गुरदीप सिंह का आरोप था कि एसएचओ जसविंदर कौर ने उससे कहा कि रणधीर सिंह की पत्नी को सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर उससे 27 से 28 लाख की धोखाधड़ी हुई है। पैसे वापस कर दे नहीं तो उसके खिलाफ केस रजिस्टर्ड हो जाएगा।

इस दौरान केस को सेटलमेंट करने के एवज में पांच लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई। इसके बाद बीते 19 जून को संगरूर के मेहलन चौक पर बिचौलिया भगवान सिंह को गुरदीप सिंह ने रिश्वत की पहली किस्त दो लाख रुपए दे दिए, जिसके बाद सीबीआई ने जाल बिछाकर आरोपी भगवान सिंह को एक लाख रुपये लेते गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
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स्टेटस रिपोर्ट के लिए डीआईजी को जवाब दायर करने के निर्देश

सीबीआई अदालत ने बुधवार को चंडीगढ़ पुलिस के डीआईजी को जसविंदर कौर के खिलाफ रिश्वत लेने के मामले में मुकदमा चलाने की मंजूरी की स्टेटस रिपोर्ट के लिए जवाब दायर करने का निर्देश दिया है। शिकायतकर्ता ने भी इसी मांग को लेकर याचिका दायर की है। इसके जवाब के लिए अदालत ने सीबीआई को नोटिस जारी कर दिया है। अब मामले की अगली सुनवाई 17 जुलाई को होगी। 2017 में निलंबित एसआई मोहन सिंह पर दो लाख रुपये की रिश्वत का मामला दर्ज किया गया था, जिसमें जसविंदर कौर को भी शामिल किया गया था। सीबीआई ने जसविंदर कौर को एक अन्य रिश्वत मामले में आरोपी बनाया है, जिसमें वह अभी भी फरार चल रही हैं।

शिकायतकर्ता प्रेम सिंह बिष्ट ने फरवरी में जसविंदर कौर को आरोपी बनाने के लिए याचिका दायर की थी। इसके बाद 13 फरवरी को अदालत ने चंडीगढ़ पुलिस को जसविंदर कौर के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए थे। प्रेम सिंह ने याचिका में कहा था कि 5 महीने बीत चुके हैं, लेकिन अभी भी उनकी याचिका पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने याचिका में कहा कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 19 के तहत लोक सेवक के खिलाफ अधिकारी की ओर से मंजूरी के लिए तीन महीने का समय तय होता है, लेकिन इस मामले में पांच महीने बीत चुके हैं, अभी तक अधिकारियों की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई।

बता दें कि इसी मामले में बीते 30 जून को अदालत ने सेक्टर-31 थाना एसएचओ राजदीप सिंह, 39 थाना एसएचओ अमनजोत सिंह, 34 थाना एसएचओ बलदेव सिंह और मनीमाजरा की निलंबित पूर्व एसएचओ जसविंदर कौर के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए थे।

हाईकोर्ट में सुरक्षा के लिए दायर करेंगे याचिका
प्रेम सिंह बिष्ट ने अदालत में याचिका दायर कर सिक्योरिटी की मांग की है। उनका कहना है कि चार एसएचओ के खिलाफ शिकायत करने के बाद उन्हें एनडीपीएस या अन्य झूठे मामले दर्ज कर फंसाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ पुलिस से उन्हें पहले ही खतरा है, इसलिए उन्हें पंजाब पुलिस की ओर से सिक्योरिटी उपलब्ध कराई जाए। प्रेम सिंह बिष्ट ने बताया कि इसे लेकर वह पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में भी याचिका दायर करेंगे। इसके साथ ही मोहाली एसएसपी से भी मुलाकात करेंगे।
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