हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के भतीजे अकांक्ष सेन की बीएमडब्ल्यू से रौंदकर हत्या के मामले में मुख्य आरोपी के आत्मसमर्पण की आस लगाए बैठी यूटी पुलिस ने अब खुद ही सरेंडर कर दिया है। जिसका सबसे बड़ा उदाहरण है पुलिस द्वारा मामले के 19 दिन बाद ही जिला अदालत में बलराज को भगोड़ा घोषित करने की प्रक्रिया शुरू करने की अर्जी देना।
इससे साफ लगता है कि पुलिस बलराज को पकड़ पाने की अब कोई कोशिश नहीं करना चाहती। बल्कि जल्द से जल्द सेक्टर 3 थाना पुलिस बलराज को कोर्ट से भगोड़ा घोषित करवाकर अपने गले का फंदा उतारकर भगोड़े पकड़ने वाले सेल के गले में डालना चाहती है।
हाई प्रोफाइल मामला सुलझा पाने में इंस्पेक्टर पूनम दिलावरी की एक बार फिर नाकामी सामने आई है। इससे पहले नेशनल शूटर सिप्पी सिद्धु हत्या का मामला भी इंस्पेक्टर पूनम दिलावरी के पास था। उस समय वो सेक्टर 26 पुलिस स्टेशन की एसएचओ थीं। उस मामले में भी पूनम दिलावरी हत्यारों तक नहीं पहुंच पाई थी। हत्या के करीब तीन महीने बाद सिप्पी के परिजनों की मांग पर मामला सीबीआई को सौंप दिया गया था।