पीजीआई और पंजाब यूनिवर्सिटी के बीच पैदल यात्री अंडरपास के निर्माण को प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने सोमवार को आधिकारिक तौर पर मंजूरी दे दी। अधिकारियों ने इस प्रस्ताव को लेकर एक प्रेजेंटेशन दी और बताया कि पीजीआई और पीयू आने-जाने वाले हजारों लोगों को गाड़ियों की आवाजाही के बीच रोजाना सड़क पार करना पड़ता है। इस दौरान उन्हें काफी मुसीबत झेलनी पड़ती है।
कई लोग तो हादसे का शिकार भी हो चुके हैं। प्रशासन के अधिकारियों ने सर्वे करने के बाद बैठक के दौरान पूरी रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिस पर प्रशासक ने सहमति जता दी है। प्रशासक की आधिकारिक तौर पर मंजूरी के बाद अब जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। जानकारी के अनुसार, यूटी इंजीनियरिंग विभाग ने सर्वे कर अंडरपास बनाने के लिए जगह को भी चिह्नित कर ली है।
गौरतलब है कि पीजीआई में प्रतिदिन हजारों की संख्या में स्थानीय और दूसरे राज्यों से मरीज व उनके तीमारदार का आना-जाना होता है। इन लोगों को मरीजों के साथ पीजीआई जाने और आने के लिए मध्य मार्ग की रोड को ट्रैफिक के बीच पार करना पड़ता है। इससे कई समस्याएं आती हैं। इससे निपटने के लिए पिछले साल यूटी प्रशासन के अफसरों और पीजीआई डायरेक्टर की बीच एक बैठक हुई थी।
इसके प्रशासन की ओर से पूरे क्षेत्र का सर्वे किया गया और एक अंडरपास बनाने पर सहमति बनी। इस अंडरपास के बनने से पीयू आने व जाने वाले छात्रों को भी सड़क क्रास करने की जरूरत नही होगी।