चंडीगढ़ को साल 2020 का पहला तोहफा मिलने जा रहा है। 10 जनवरी को प्रशासक वीपी सिंह बदनौर उसे लोगों को समर्पित करेंगे। दरअसल, सेक्टर-17 को सेक्टर-16 स्थित रोज गार्डन से जोड़ने वाले अंडरपास का निर्माण कार्य और सौंदर्यीकरण का काम पूरा हो चुका है। वैसे 9 करोड़ की लागत से तैयार हुआ यह अंडरपास कई बार विवादों में रह चुका है।
इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारियों के अनुसार, सेक्टर-17 को रोज गार्डन को जोड़ने के मकसद से इस अंडरपास का निर्माण किया गया है। अधिकारियों को उम्मीद है कि इस अंडरपास के बनने से सेक्टर-17 का भी विकास होगा। विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि अंडरपास आने वाले समय में शहर की पहचान बन जाएगा। युवाओं के बीच यह अंडरपास से पहले ही लोकप्रिय हो चुका है।
हालांकि इस अंडरपास को लेकर पंजाब चैप्टर के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ऑर्किटेक्ट (आईआईए) सवाल उठा चुका है। आईआईए ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि जन मार्ग पर रोजाना करीब 42,488 गाड़ियां गुजरती हैं और सिर्फ 133 लोग पैदल सड़क को पार करते हैं। आईआईए ने इस प्रोजेक्ट को पैसों की बर्बादी करार दिया था।