यूटी प्रशासन ने सोमवार को गांव दड़वा की दरगाह से अवैध कब्जे हटा दिए। पिछले करीब 30 सालों से यहां दरगाह के नाम पर ग्राम पंचायत की जमीन पर अवैध कब्जा हो रखा था।
इस जमीन को लेकर ग्राम पंचायत और उक्त व्यक्ति के बीच कई सालों से केस चल रहा था। अभी इसी महीने 2 मई को एसडीएम ने ग्राम पंचायत के हक में फैसला सुना दिया। दरगाह के बाहर खसरा नंबर-23 की 3 कनाल और 13 मरने की जमीन अब ग्राम पंचायत को मिल गई है।
एसडीएम(ईस्ट) के आदेशों पर सोमवार को प्रशासन के अधिकारी गांव पहुंचे और बुल्डोजर से यहां तोड़-फोड़ का काम शुरू करवा दिया। किसी प्रकार की हिंसात्मक घटना न हो, इसके लिए पुलिस की भी भारी फोर्स वहां मौजूद थी, हालांकि यह पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से निपट गई।
शाम तक बुल्डोजर से अतिक्रमण हटाने का काम चलता रहा। इस बारे में गांव के सरपंच गुरप्रीत सिंह हैपी ने बताया कि करीब 30-35 सालों से यहां लालां वाले पीर की दरगाह पर अब्दुल रज्जाक ने कब्जा कर रखा था।
अब्दुल रज्जाक कश्मीर से आया था और यहां आकर उसने दरगाह के आसपास की जमीन पर अतिक्रमण कर दिया। हैप्पी ने कहा कि दरगाह को कुछ नहीं होने दिया है, सिर्फ आसपास के कब्जे ही तुड़वाएं गए हैं। उन्होंने कहा कि दरगाह गांववासियों की है और वे ही यहां सेवा करेंगे।