नए साल में शहर की प्रॉपर्टी में बूम आने की कुछ उम्मीद बंधी है। यूटी प्रशासन ने शहर में प्रॉपर्टी में तेजी लाने के लिए कलेक्टर रेट में कमी करने का फैसला लिया है।
नए साल में शहर की प्रॉपर्टी में बूम आने की कुछ उम्मीद बंधी है। यूटी प्रशासन ने शहर में प्रॉपर्टी में तेजी लाने के लिए कलेक्टर रेट में कमी करने का फैसला लिया है। रेजिडेंट और कामर्शियल प्रॉपर्टी के कलेक्टर रेट में 10 से 20 फीसदी तक कमी की गई है।
शनिवार को यूटी इस्टेट ऑफिसर और उपायुक्त अजीत बालाजी जोशी ने कलेक्टर रेट कम करने संबंधी नोटिफिकेशन जारी कर दिया। फैसले से आने वाले दिनों में प्रॉपर्टी की खरीद में सकारात्मक तेजी की उम्मीद है। एक दिन पहले ही मोहाली जिला प्रशासन ने कलेक्टर रेट में 10 से 12 फीसदी कटौती की है। शहर के कई हिस्सों में कलेक्टर रेट मार्केट रेट से भी अधिक था।
जिससे यूटी प्रशासन की ओर से की जाने वाली अधिकतर बोली फ्लॉप हो गई और प्रशासन को करोड़ों का नुकसान भी हुआ। खरीदार कलेक्टर रेट अधिक होने के कारण प्रॉपर्टी में इनवेस्ट करने में खास रुचि नहीं ले रहे हैं। उपायुक्त की अध्यक्षता में हुई मीटिंग में तुरंत प्रभाव (2 जनवरी 2016) से ही नए कलेक्टर रेट लागू करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। कलेक्टर रेट कम किए जाने को लेकर लंबे समय से शहरवासी मांग कर रहे थे।
इंडिस्ट्रयल एरिया में कलेक्टर रेट 20 फीसदी तक कम किए गए हैं। रेजीडेंटल एरिया में कलेक्टर रेट 10 फीसदी तक कम हुए हैं। सेक्टरों की प्रॉपर्टी को तीन विभिन्न जोन में बांटा गया है।
कामर्शियल प्रॉपर्टी एरिया सेक्टर-17, 22, सब सिटी सेंटर-34, मध्यमार्ग और 34-35 डिवाइडिंग रोड पर स्थित प्रॉपर्टी के कलेक्टर रेट में10 फीसदी छूट दी गई है।
अब हर साल रिवाइज होंगे कलेक्टर रेट
प्रॉपर्टी खरीद में चल रही मंदी को दूर करने के लिए यूटी प्रशासन कलेक्टर रेट के लिए नए नियम बनाने जा रहा है। उपायुक्त अजीत बालाजी जोशी के अनुसार अब हर साल 31 मार्च को कलेक्टर रेट को रिवाइज किया जाएगा। उन्होंने बताया कि विभिन्न कैटेगरी की स्थिति स्पष्ट करने के लिए शॉप कम फ्लैट (एससीएफ), शॉप कम शॉप (एससीएस) बे शॉप, अदर फ्लैट (कोऑपरेटिव सोसाइटी, फ्लैट) आदि को शामिल किया जाएगा।
खरीदार और प्रशासन दोनों को फायदा
इस्टेट ऑफिस अधिकारियों के अनुसार इस समय इंडस्ट्रियल एरिया, मध्य मार्ग स्थित शो रूम, सेक्टर-34 सब सिटी सेंटर में कलेक्टर रेट मार्केट रेट से अधिक है। दूसरी तरफ प्रशासनिक अधिकारियों का तर्क है कि कलेक्टर रेट में कमी से प्रॉपर्टी खरीदारों की संख्या बढ़ेगी और इससे यूटी प्रशासन को सालाना अधिक राजस्व मिलेगा।
कोई अधिक फायदा नहीं मिलेगा: कमलजीत
यूटी प्रशासन द्वारा कलेक्टर रेट में 10 से 20 फीसदी छूट पर प्रॉपर्टी से जुड़े विशेषज्ञों में अधिक उत्साह नहीं है। प्रॉपर्टी फेडरेशन चंडीगढ़ के प्रेसिडेंट कमलजीत सिंह पंछी का कहना है कि यूटी प्रशासन को पंजाब सरकार की तर्ज पर कलेक्टर रेट 40 से 50 फीसदी कम करने चाहिए थे। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने पिछले एक साल में कलेक्टर रेट में सर्वे के बाद कटौती की है। पंछी के अनुसार यूटी प्रशासन के फैसले से प्रॉपर्टी को शहर में कोई अधिक रिस्पांस मिलने की उम्मीद नहीं है।
चंडीगढ़ में 2 जनवरी से नए कलेक्टर रेट इस प्रकार होंगे
(अर्बन एरिया)---एरिया पुराना रेट (प्रति वर्ग गज)--------------नया रेट(प्रति वर्ग गज)
इंडस्ट्रियल एरिया फेज 1 और 2-----82368----------65894
कोल डिपो, चक्की साइट, आयरन मार्केट, टिंबर मार्केट, ट्रांसपोर्ट मार्केट---92664-----92664
मोटर मार्केट कॉम्पलैक्स(बूथ) मनीमाजरा-----154440------कोई बदलाव नहीं
शिवालिक एन्क्लेव (कामर्शियल)एससीओ-------360360-----कोई बदलाव नहीं
मिल्क कालोनी,धनास-------------360360-----------कोई बदलाव नहीं
सेक्टर-17,19,34,22,35(बूथ)------463320-------कोई बदलाव नहीं
सेक्टर-7,8,9,26,16,18,20 और 21-----370656----कोई बदलाव नहीं
सेक्टर-23,24,32,37,38 और अन्य सेक्टर-----257400----कोई बदलाव नहीं
सेक्टर-17(एससीओ)---------720720-------648648
एससीओ मध्यमार्ग,सेक्टर-34,22 और 35-34----डिवाइडिंग रोड----514800-----463320
अन्य एससीओ-----------308880-----308880
(शॉप कम फ्लैट और शॉप कम शॉप जैसी नई कैटेगरी के तहत 5 फीसदी अतिरिक्त, सीसीओ और एससीएफ के रेट 1.50 लाख तक प्रति वर्ग गज कम किए गए हैं)
(रेजिडेंशियल अर्बन एरिया)
सेक्टर-1 से 12---------82368------82368
सेक्टर-14 से 37-------82368-------78250
सेक्टर-38 से ऊपर------82368------74131
(नोट -कलेक्टर रेट के लिए शहर के विभिन्न सेक्टर को तीन जोन में बांटा गया है। पहले जोन में सेक्टर-1 से 12, दूसरे जोन में सेक्टर-14 से 37 और तीसरे जोन में सेक्टर-38 से ऊपर के सेक्टर शामिल हैं। पहले जोन के सेक्टर के कलेक्टर रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है। दूसरे जोन में 5 फीसदी और तीसरी जोन के सेक्टर में 10 फीसदी कमी की गई है)
हाउसिंग बोर्ड फ्लैट्स और इंडस्ट्रियल हाउसेज
इंडिपेंडेंट हाउस------82368
ग्राउंड फ्लोर--------30888
फर्स्ट फ्लोर---------24024
सेकेंड फ्लोर---------17160
थर्ड फ्लोर---------10296
(नोट रेट में कोई बदलाव नहीं, पहली बार सोसाइटी में फ्लैट्स इन कोआपरेटिव सोसाइटी जोड़ा गया है)
रुरल एरिया (एग्रीकल्चरल) इस कैटेगरी में यूटी प्रशासन के सभी गांव शामिल होंगे।
एग्रीकल्चर लैंड-----------11550000 (प्रति एकड़)------------कोई बदलाव नहीं
कनाल के हिसाब से------(2887500 प्रति 2 कनाल)--------(3000000 प्रति 1 कनाल)
(नोट- नए रेट के तहत प्रति मरला 150000 तय किया गया है। बी कैटेगरी के तहत प्रति एकड़ 66 लाख रुपये 17 लाख रुपये प्रति कनाल और 85 हजार रुपये प्रति मरला रेट तय किए हैं)
रुरल एरिया (रेजिडेंट-कामर्शियल)
नगर निगम के अधीन आने वाले रेजिडेंट और कामर्शियल एरिया के कलेक्टर रेट में कई बदलाव नहीं किया गया है। रेजिडेंट एरिया में 10296 और कामर्शियल एरिया में 20592 रहेगा। उधर, अन्य गांव में रेजिडेंट एरिया में प्रति वर्ग गज रेट 6864 और कामर्शियल एरिया में रेट 13728 ही रहेगा।
स्टैंप ड्यूटी के लिए भी नए नियम
यूटी इस्टेट ऑफिस ने स्टैंप ड्यूटी के लिए भी नए नियम तय किए हैं। अर्बन एरिया में 10 साल से कम पुरानी कंस्ट्रक्शन पर 1600 रुपये प्रति वर्ग गज और 10 साल से अधिक पुरानी कंस्ट्रक्शन पर 800 रुपये प्रति वर्ग गज रेट तय किया गया है। उधर रूरल एरिया में कच्चे घरों के लिए 200 रुपये प्रति वर्ग गज स्टैंप ड्यूटी वसूली जाएगी। 10 साल से अधिक पुराने आरसीसी घरों के लिए 350 रुपये प्रति वर्ग गज और 10 साल से कम पुराने घरों पर प्रति वर्ग गज पर 700 रुपये स्टैंप ड्यूटी तय की गई है।
कलेक्टर रेट संबंधी अन्य जरूरी जानकारी
-सस्ते हाउस (5148000) कैटेगरी के कलेक्टर रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
-शिवालिक एन्क्लेव, मिल्क कॉलोनी धनास (51480 प्रति वर्ग गज) में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
-कॉर्नर प्लॉट, रेजिडेंट एरिया को नर्सिंग होम या अस्पताल में बदलने पर 5 फीसदी अतिरिक्त चार्ज से छूट मिलेगी।