सुखना लेक के गिरते जलस्तर की समस्या का समाधान करने की जिम्मेदारी यूटी प्रशासन ने ले ली है। प्रशासन की ओर से पाइपलाइन बिछाने के लिए टेंडर प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है और 15 जनवरी से सुखना में पानी की रोजाना सप्लाई शुरू कर दी जाएगी। यह जानकारी प्रशासन की ओर से हाईकोर्ट को दी गई। हाईकोर्ट ने संतोष जाताते हुए अगली सुनवाई 20 जनवरी तय की है।
शुक्रवार को मामले की सुनवाई आरंभ होते ही हाईकोर्ट ने वीरवार को आयोजित की गई बैठक के नतीजों पर चर्चा शुरू की। इस दौरान हाईकोर्ट ने प्रशासन से सुखना के जलस्तर को बढ़ाने के लिए उठाए गए कदम केबारे में पूछा। प्रशासन ने बताया कि सुखना का जलस्तर बढ़ाने के लिए ट्यूबवेल से इसे भरने का फैसला लिया है। ट्यूबवेल की पाइप गोल्फ क्लब तक तो है और इसके आगे की 450 मीटर की दूरी को पूरा करने के लिए पाइपलाइन बिछाने का टेंडर जारी करने की प्रक्रिया को आरंभ कर दिया गया है।
आगे बताया गया कि सात ट्यूबवेल से सुखना को भरने के लिए 15 जनवरी से लेकर 28 फरवरी तक लगातार सप्लाई जारी रखी जाएगी। इसके बाद पीने के पानी की बढ़ती मांग को देखने के बाद आगे का फैसला लिया जाएगा। प्रशासन की ओर से बताया गया कि गोल्फ क्लब के नजदीक बने सात ट्यूबवेल के जरिए 2 से 4 मिलियन गैलन पानी प्रतिदिन सुखना में डाला जा सकता है। इससे इस अवधि के दौरान करीब ढाई फीट से अधिक सुखना का जलस्तर बढ़ाया जा सकेगा। हाईकोर्ट ने इसपर संतुष्टि जताते हुए मामले की अगली सुनवाई 20 जनवरी को रखी है। साथ ही हरियाणा और पंजाब से पानी के अन्य विकल्पों पर विचार के बाद उनका पक्ष रखने को कहा है।