लोगों की जान को खतरा बने शहर के 615 सूखे पेड़ों की कटाई के लिए यूटी प्रशासन ने मंजूरी दे दी है। सोमवार को प्रशासन ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट को बताया कि इनमें से 153 सूखे पेड़ काटे भी जा चुके हैं, बाकी भी जल्द काट दिए जाएंगे।
यह भी बताया गया कि गटर पर 2569 रोड गली कवर लगाए गए हैं और सड़क पर बने 60 गड्ढों को भरा जा चुका है। जस्टिस राजन गुप्ता ने चंडीगढ़ प्रशासन के इस दावे की जांच की जिम्मेदारी एडवोकेट आरएस बैंस को दी है। अब वह 13 नवंबर को सच्चाई कोर्ट के सामने रखेंगे।
सोमवार को चंडीगढ़ के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर कंस्ट्रक्शन सर्कल-2 यशपाल गुप्ता ने हाईकोर्ट में हलफनामा दायर कर बताया कि शहर में 72 जगहों पर 615 सूख चुके पेड़ों की पहचान की गई थी। उनमें से 40 जगहों के 462 सूखे पेड़ों की कटाई के लिए इजाजत दी जा चुकी है और 153 सूखे पेड़ काट दिए गए हैं। शहर के 2569 रोड गली कवर भी लगाए जा चुके हैं और 60 स्थानों पर सड़कों के गड्ढे भी भरे जा चुके हैं।
Chandigarh Trees
- फोटो : अमर उजाला
हाईकोर्ट ने इससे पूर्व कहा था कि शहर के इन सैकड़ों सूखे पेड़ों की जद में आने से कभी भी कोई भी बड़ा हादसा हो सकता है। इनमे कई सूख चुके पेड़ न सिर्फ शहर की सड़कों के किनारे अब भी खड़े हैं, बल्कि स्कूलों, कॉलेजों सहित शहर के मुख्य पर्यटन स्थलों जैसे की सुखना लेक, कैपिटल कॉम्प्लेक्स, आर्ट गैलरी म्यूजियम, लेजर वैली में भी हैं। यहां तक की पंजाब राजभवन और यूटी गेस्ट हाउस में भी ऐसे सूखे पेड़ हैं, जो बड़े हादसे को कभी भी निमंत्रण दे सकते हैं।
शहर के इन 615 सूखे हुए और मर चुके पेड़ों की चंडीगढ़ प्रशासन ने हाईकोर्ट को जानकारी दी है। बता दें कि शहर की एक युवती पर सूखे पेड़ के गिरने से वह अपनी एक टांग गवा चुकी है। इसी युवती की याचिका पर हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ प्रशासन से शहर के सूखे हुए पेड़ों की जानकारी मांगी थी।