सेक्टर 16 गवर्नमेंट हास्पिटल की इमरजेंसी में जीवन रक्षक दवाओं की जबरदस्त कमी है। वीरवार दोपहर तक इमरजेंसी में मात्र तीन दवाएं मौजूद थीं। इनमें दो बायोटिक और उल्टी की ही दवा शामिल थीं।
सूत्रों ने बताया कि पिछले दो महीने से इमरजेंसी में यही स्थिति बनी हुई है। छोटी-छोटी दवाओं के लिए मरीजों को बाहर का रुख करना पड़ रहा है।
हैरानी इस बात की है कि दवाओं का नया टेंडर को अनुमति मिले दो से ढाई महीने बीत गए हैं, लेकिन अब तक न तो इमरजेंसी में दवाएं पहुंच पाई और न ही ओपीडी सेंटर में।
ओपीडी सेंटर में आने वाले मरीजों को भी दवाओं की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। इस बारे में कार्यवाहक मेडिकल सुपरिंटेंडेंट सतबीर सिंह का कहना था कि दवाओं की खरीददारी जल्द शुरू हो जाएगी। वीरवार शाम को 22 दवाएं इमरजेंसी में पहुंच चुकी है। बाकी दवाएं भी जल्द आ जाएंगी।
सौ से ज्यादा दवाएं होनी चाहिए
नियम के मुताबिक सेक्टर 16 की इमरजेंसी में सौ से ज्यादा दवाएं होनी चाहिए। इन दवाओं में जीवन रक्षक, सर्जिकल आइटम्स, इंजेक्शन और अन्य दवाएं शामिल होती हैं। यहां पर दवाओं की सबसे ज्यादा जरूरत पड़ती है, क्योंकि यहां सभी मरीज इमरजेंसी में आते हैं।
मौजूदा समय में यहां पर सिप्लाक्स, नारफ्लाक्स (दोनों एंटीबायोटिक) और एमिडन दवा मौजूद थी। यहां दाखिल मरीजों ने बताया कि उन्हें दवाएं लेने के बाहर जाना पड़ता है।
सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि यहां पर एक ही मेडिकल स्टोर है। यदि दवाएं न मिले तो मार्केट में जाना पड़ता है। दवाओं की काफी दिक्कतें आ रही हैं। इस बारे में प्रशासन को कदम उठाना चाहिए। हास्पिटल में दवा सप्लाई का ठेका भी अलाट किया जा चुका है, लेकिन फर्म की ओर से दवा सप्लाई का काम काफी धीमे चल रहा है।